
कपड़े सुखाने वाले स्टैंड से चढ़कर भागीं दो लड़कियां
Kanpur Crime News: कानपुर के नवाबगंज इलाके में स्थित बालिका बालगृह (यूनिट-2) में गुरुवार रात एक बड़ी लापरवाही सामने आई। दो किशोरियां परिसर से फरार हो गईं। ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी सो रहे थे या आराम कर रहे थे। उन्हें कुछ भी पता नहीं चला। करीब एक घंटे बाद जब नियमित गिनती हुई, तब जाकर दोनों के गायब होने का पता चला।
जिला प्रोबेशन अधिकारी विकास सिंह मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दोनों किशोरियों की तलाश शुरू की, लेकिन 24 घंटे बीत जाने के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला।
ये दोनों लड़कियां करीब छह महीने पहले प्रयागराज और मथुरा से पकड़ी गई थीं। चूंकि दोनों कानपुर की निवासी हैं, इसलिए उन्हें ख्योरा कटरी स्थित बालिका बालगृह की यूनिट-2 में रखा गया था। घटना रात करीब 9 बजे की बताई जा रही है। दोनों किशोरियां अपने कमरे से निकलकर पीछे वाले आंगन में पहुंचीं। वहां कपड़े सुखाने वाले स्टैंड के पास छिपकर बैठ गईं। फिर उन्होंने स्टैंड का सहारा लेकर खिड़की से छज्जे पर चढ़ाई की और छत पर पहुंच गईं। छत से पीछे की तरफ कूदकर वे आसानी से बाहर निकल गईं। इस पूरे समय ड्यूटी पर मौजूद होमगार्ड और तीन महिला कर्मचारियों को कुछ भी भनक नहीं लगी। रात 10 बजे जब गिनती हुई, तब गायब होने का पता चला। अधिकारियों ने सीसीटीवी फुटेज देखी तो सारी बात साफ हो गई।
सीसीटीवी फुटेज में कर्मचारी ड्यूटी के दौरान आराम करते नजर आए। जांच में यह भी पता चला कि उस समय बालगृह की अधीक्षक कल्पना ड्यूटी पर नहीं थीं। वे अपने घर पर थीं। रात की पूरी जिम्मेदारी उन्होंने चतुर्थ श्रेणी कर्मी और संविदा कर्मचारियों पर छोड़ रखी थी। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने इस गंभीर लापरवाही पर सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने एक महिला कर्मी रत्ना के निलंबन की संस्तुति की है। साथ ही दो संविदा कर्मियों वंदना और हेमलता की सेवा समाप्त करने के लिए निदेशालय को पत्र भेजा है। तीन होमगार्डों के खिलाफ कार्रवाई के लिए होमगार्ड कमांडेंट को पत्र लिखा गया है। अधीक्षक कल्पना को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद उनके खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए एसीएम-छह को निर्देश दिए हैं।
अभी तक दोनों लड़कियों का कोई पता नहीं चल पाया है। पुलिस उनकी तलाश में लगी हुई है। प्रशासन ने साफ कहा है कि बालगृह में रहने वाली लड़कियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस घटना से बालगृह की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ गए हैं।
Updated on:
28 Mar 2026 10:12 am
Published on:
28 Mar 2026 10:12 am
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