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Kanpur News : साइबर ठगी से बनाई दौलत अब नहीं बचेगी! गैंगस्टर एक्ट के बाद संपत्ति जब्ती की तैयारी

Cyber Gang Crackdown:कानपुर पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। सचेड़ी और पनकी के दो मामलों में गैंगस्टर एक्ट लगाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। आरोपियों की अवैध संपत्तियां जब्त कर उनके आर्थिक नेटवर्क को भी ध्वस्त किया जाएगा।
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Kanpur News

डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी - फोटो पत्रिका

Cyber Crime News:कानपुर में साइबर अपराधियों पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज हो गई है। अब केवल गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि संगठित तरीके से साइबर ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उनकी अवैध संपत्तियां भी जब्त की जाएंगी। पश्चिमी जोन पुलिस ने इस दिशा में तैयारी शुरू कर दी है। सचेड़ी और पनकी थाने में दर्ज दो बड़े साइबर ठगी के मामलों में गैंगस्टर एक्ट लगाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

साइबर अपराधियों पर अब होगी दोहरी कार्रवाई

डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी के अनुसार, साइबर ठगी के मामलों में शामिल आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड, उनके गिरोह की गतिविधियों और अपराध से अर्जित संपत्तियों का पूरा ब्यौरा जुटाया जा रहा है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों को भी जब्त करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी का कहना है कि साइबर अपराध अब संगठित गिरोहों के जरिए किए जा रहे हैं। ऐसे में केवल गिरफ्तारी से अपराध पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई जा सकती। गिरोह की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त करना जरूरी है।

सचेंडी और पनकी के दो मामलों में तैयारी अंतिम चरण में

पश्चिमी जोन के सचेंडी और पनकी थाने में दर्ज साइबर ठगी के दो मामलों को लेकर पुलिस तेजी से कार्रवाई कर रही है। आरोपियों के बैंक खाते, चल-अचल संपत्तियों और आर्थिक लेनदेन की जांच की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच पूरी होते ही गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

पुलिस का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से साइबर ठगी करने वाले गिरोहों में भय पैदा होगा और संगठित साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने लोगों से साइबर ठगी से बचने के लिए विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाएं, शेयर बाजार में अधिक मुनाफे का लालच, बैंक अधिकारी बनकर कॉल करना, केवाईसी अपडेट के नाम पर लिंक भेजना और संदिग्ध वेबसाइटों के जरिए ठगी जैसे मामलों में लोग सबसे अधिक शिकार हो रहे हैं।

उन्होंने सलाह दी कि किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक या निवेश के लालच में न आएं। यदि साइबर ठगी की आशंका हो या घटना घट जाए तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर सूचना दें। समय रहते शिकायत करने से ठगी गई धनराशि वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

साइबर गिरोहों पर आर्थिक चोट होगी सबसे बड़ा हथियार

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि साइबर ठगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और संपत्ति जब्ती जैसी कार्रवाई केवल अपराधियों को गिरफ्तार करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उनके पूरे आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने का प्रभावी माध्यम बनेगी। इससे साइबर अपराध पर लगाम लगाने के साथ-साथ ऐसे गिरोहों को दोबारा सक्रिय होने से रोकने में भी मदद मिलेगी।