
सत्यापन अभियान को लेकर पुलिसकर्मियों को निर्देश देते डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी - फोटो : पत्रिका
Kanpur Police Verification of Released Criminals:कानपुर में अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने और आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के लिए कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के पश्चिम जोन ने बड़ा अभियान शुरू किया है। अब 1 जनवरी 2025 से जेल से रिहा हुए सभी अपराधियों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। पुलिस केवल यह नहीं देखेगी कि वे कहां रह रहे हैं, बल्कि यह भी पता लगाएगी कि वे क्या काम कर रहे हैं, किसके संपर्क में हैं और उनकी वर्तमान गतिविधियां क्या हैं। इस अभियान का उद्देश्य भविष्य में होने वाले अपराधों पर समय रहते नियंत्रण करना और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए रखना है।
पश्चिम जोन की पुलिस का यह अभियान मुख्य रूप से चोरी, लूट, डकैती और अन्य संगीन मामलों में जेल जा चुके अपराधियों पर केंद्रित रहेगा। पुलिस टीमें संबंधित अपराधियों के घर पहुंचकर उनका सत्यापन करेंगी। यदि कोई अपराधी कानपुर छोड़कर किसी अन्य जिले या राज्य में रहने लगा है तो उसके वर्तमान पते, ठिकाने और गतिविधियों की जानकारी भी जुटाई जाएगी। इसके लिए संबंधित जिले की पुलिस से भी समन्वय किया जा सकता है।
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए पश्चिम जोन के प्रत्येक थाने में चार सदस्यीय टीम गठित की गई है। हर टीम में दो उपनिरीक्षक (दारोगा) और दो सिपाही शामिल हैं। ये टीमें घर-घर जाकर जेल से रिहा हुए अपराधियों का सत्यापन करेंगी। इस दौरान उनका वर्तमान पता, मोबाइल नंबर, रोजगार, पारिवारिक स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज की जाएंगी। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि संबंधित व्यक्ति सामान्य जीवन जी रहा है या फिर दोबारा किसी संदिग्ध गतिविधि में शामिल होने के संकेत मिल रहे हैं।
सत्यापन के आधार पर पुलिस जेल से रिहा हुए अपराधियों की नई "कुंडली" तैयार करेगी। इस रिकॉर्ड में उनके निवास, मोबाइल नंबर, आजीविका, वर्तमान स्थिति और जरूरत पड़ने पर संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी जानकारी भी शामिल की जाएगी। पुलिस का मानना है कि अद्यतन रिकॉर्ड तैयार होने से भविष्य में किसी आपराधिक घटना की जांच के दौरान संदिग्धों तक तेजी से पहुंचने में मदद मिलेगी और आदतन अपराधियों की निगरानी भी आसान होगी।
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि पश्चिम जोन के सभी थाना प्रभारियों को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए गए हैं। प्रत्येक थाने में दो दारोगा और दो सिपाहियों की टीम गठित कर दी गई है। ये टीमें जेल से रिहा हुए अपराधियों का भौतिक सत्यापन कर उनकी वर्तमान स्थिति का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार करेंगी। पुलिस का उद्देश्य अपराधियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखते हुए कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।
Updated on:
02 Jul 2026 07:51 am
Published on:
02 Jul 2026 07:22 am
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