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कानपुर डीएम और सीएमओ विवाद: मुख्यमंत्री कार्यालय से फाइल तलब, भाजपा दो भागों में बटी

Kanpur DM and CMO dispute, BJP MLA divided into two factions कानपुर में डीएम और सीएमओ की लड़ाई में बीजेपी दो भागों में बट गई है। भाजपा विधायक, एमएलसी, विधानसभा अध्यक्ष का पत्र सामने आया है। समाजवादी पार्टी ने इसे भ्रष्टाचार की लड़ाई बताया है।
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कानपुर

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Narendra Nath Awasthi

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Updated: 19 Jun 2025, 12:33 PM IST

मुख्य सीएमओ डॉक्टर हरिदत्त नेमी और डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह (फोटो सोर्स- 'X' DM Kanpur)

फोटो सोर्स- 'X' DM Kanpur

Kanpur DM and CMO dispute, BJP MLA divided into two factions कानपुर में जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के बीच की तकरार अब लखनऊ पहुंच गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी से संबंधित फाइलों को तलब किया है। ‌इस मामले में भाजपा विधायक, एमएलसी के साथ सपा विधायक भी अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। समाजवादी पार्टी ने इसे मुख्यमंत्री बनाम उपमुख्यमंत्री का मामला बताया है। अखिलेश यादव भी इस मामले में प्रेस वार्ता कर चुके हैं। सीएमओ हरि दत्त नमी ने प्रेस वार्ता करके सीएमओ कार्यालय के तीन कर्मचारियों को विवाद की जड़ बताया है। उन्होंने बताया कि डीएम को गुमराह किया गया है। ‌

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उत्तर प्रदेश के कानपुर के डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह और सीएमओ डॉक्टर हरीदत्त नेमी के बीच जिले के विधायक, विधानसभा अध्यक्ष बंट चुके हैं। विधायक अभिजीत सिंह सांगा, विधायक महेश त्रिवेदी, सपा विधायक मोहम्मद हसन रूमी जिलाधिकारी के साथ खड़े हैं विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के भ्रष्टाचार गिनाये हैं। सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि अधिकारियों की लड़ाई भ्रष्टाचार को उजागर कर रही है। ‌यह मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बीच की लड़ाई है।

विधानसभा अध्यक्ष सीएमओ के साथ

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना सीएमओ के पक्ष में खड़े हैं और उन्होंने पत्र लिखकर सीएमओ को न हटाए जाने की मांग की है। एमएलसी अरुण पाठक भी सीएमओ के साथ खड़े दिखाई पड़ रहे हैं।विधायक सुरेंद्र मैथानी ने 15 जून को डिप्टी सीएम को पत्र भेज कर सीएमओ को न हटाए जाने की मांग की। ‌अब पूरे मामले की सुनवाई मुख्यमंत्री कार्यालय में हो रही है। जहां दोनों अधिकारियों की फाइल तलब की गई है। इस पर जल्दी निर्णय लिए जाने की संभावना है।