
‘अटल स्मृति’ के लिए कानपुर को 5 करोड़ की भेंट, डीएवी कॉलेज बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
कानपुर। खबर कुछ ऐसी मिली है कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की यादों और उनके कानपुर के जुड़ाव को यादगार बनाने के लिए डीएवी कॉलेज को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा. इस क्रम में योगी सरकार की ओर से पेश किए गए फाइनेंशियल ईयर के अनुपूरक बजट में 5 परियोजनाओं का ऐलान किया गया है. इनके लिए 25 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है. कानपुर के डीएवी कॉलेज को सेंटर फॉर एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा.
ऐसी मिली है खबर
गौरतलब है कि कानपुर के डीएवी कॉलेज से पूर्व पीएम भारतरत्न अटल बिहारी ने राजनीति शास्त्र में एमए करने के बाद एलएलबी की पढ़ाई पूरी की थी. ऐसे में डीएवी कॉलेज को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने के लिए 5 करोड़ रुपये की धनराशि शासन की ओर से दी गई है.
किए गए हैं ऐसे प्रावधान
वहीं अटल जी की स्मृति में सांस्कृतिक समारोह के आयोजन के लिए अनुपूरक बजट में 1 करोड़ और उनकी स्मृति में सेंटर के निर्माण के लिए 4 करोड़ का बजट आवंटित किया गया है. संसाधनों की कमी के कारण सरकार ने अनुपूरक बजट में कई योजनाओं के लिए प्रतीक (टोकन) प्रावधान किए गए हैं.
हैरानी होगी ये जानकर
बता दें कि कानपुर के डीएवी कॉलेज से अटल बिहारी वाजपेयी ने पढ़ाई की थी. वहीं आपको ये जानकर भी हैरानी होगी कि यूपी का डीएवी कॉलेज देश का पहला ऐसा संस्थान है जहां से देश के राष्ट्रपति और पूर्व प्रधानमंत्री दोनों ने डिग्री हासिल की है. कानपुर के डीएवी कॉलेज से रामनाथ कोविंद ने बीकॉम किया है और फिर एलएलबी की परीक्षा पास की है. उन दिनों ग्रेजुएशन का कोर्स दो साल का हुआ करता था.
एडमिशन रजिस्टर पर अभी भी है उनका नाम
ये बात भी सच है कि डीएवी कॉलेज के एडमिशन रजिस्टर पर अभी भी उनका नाम लिखा हुआ है. इनसे पहले डीएवी कॉलेज से ही देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी पढ़ाई की है. ये बात है साल 1946 की. उस वक्त अटल बिहारी वाजपेयी ने यहां से राजनीति शास्त्र में एमए किया था और बड़ी बात ये भी है कि वे इस कॉलेज के टॉपर रह चुके हैं.
पिता भी पढ़ा करते थे यहां पर
इसके बाद में अटल बिहारी वाजपेयी ने यहां से कानून की भी पढ़ाई की. इससे भी ज्यादा दिलचस्प बात ये है कि वाजपेयी के पिता भी कॉलेज में साथ ही पढ़ा करते थे. डीएवी कॉलेज के राजनीति शास्त्र विभाग में बोर्ड पर अभी भी वाजपेयी का नाम लिखा हुआ है. उनके समय में ये कॉलेज आगरा यूनिवर्सिटी से जुड़ा था. वहीं अब यह कॉलेज कानपुर के छत्रपति साहूजी महाराज विश्वविद्यालय का हिस्सा बन चुका है.
Published on:
28 Aug 2018 10:17 am
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