
कानपुर।रंगों और उल्लास का पर्व होली इस बार शहर के कई परिवारों के लिए गहरे सदमे की वजह बन गया। बुधवार को होली के दिन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 45 लोग घायल हो गए। इनमें से 28 घायलों ने प्राथमिक उपचार के बाद घर लौट गए, जबकि 17 को गंभीर हालत में लाला लाजपत राय अस्पताल (एलएलआर) में भर्ती कराया गया है। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और त्योहार की खुशियां मातम में बदल गईं।
नशे में घर लौट रहे सब्जी विक्रेता की मौत-
सचेंडी थाना क्षेत्र के चकरपुर निवासी 36 वर्षीय सब्जी विक्रेता राम सगुन पाल होली के दिन शराब के नशे में घर लौट रहे थे। देर रात करीब एक बजे वह घर के बाहर नाली में औंधे मुंह पड़े मिले। मोहल्ले के लोगों ने इसकी सूचना उनके बड़े भाई रामनयन पाल को दी। आनन-फानन में उन्हें एलएलआर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।परिजनों ने बताया कि करीब 10 दिन पहले उनकी पत्नी मनोरमा तीन बच्चों के साथ मायके गई थीं। तब से वह घर में अकेले रह रहे थे और अत्यधिक शराब का सेवन कर रहे थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
हेलमेट न पहनना पड़ा भारी-
दूसरा हादसा गुजैनी थाना क्षेत्र के रविदास पुरम निवासी 26 वर्षीय मजदूर बाबू के साथ हुआ। वह बुधवार दोपहर बाइक से गोविंद नगर स्थित दोस्तों से मिलने जा रहे थे। अंबेडकरनगर में पाल मेडिकल स्टोर के सामने सामने से आ रही तेज रफ्तार बाइक से उनकी जोरदार भिड़ंत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाबू ने हेलमेट नहीं पहना था, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं।पुलिस ने उन्हें तत्काल एलएलआर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिवार में बड़ा भाई दुर्गेश और छोटा भाई प्रिंस हैं। घर की आर्थिक जिम्मेदारी बाबू पर ही थी। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
कैंट में संदिग्ध टक्कर से युवक की जान गई-
तीसरा मामला कैंट थाना क्षेत्र के झाड़ीबाबा पड़ाव के पास का है। यहां 26 वर्षीय युवक घायल अवस्था में सड़क किनारे पड़ा मिला, जबकि कुछ दूरी पर उसकी स्कूटी खड़ी थी। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आधार कार्ड से उसकी पहचान बिहार के मोतिहारी, पूर्वी चंपारण निवासी सुमन पटेल के रूप में हुई। वह पिछले तीन वर्षों से शहर की एक फैक्ट्री में काम कर रहे थे। सूचना मिलते ही उनके साले राम जनम पटेल मौके पर पहुंचे। परिवार में पत्नी रिंकी और ढाई साल की बेटी है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मारी और चालक फरार हो गया।
अस्पताल में बढ़ा दबाव, कई गंभीर -
एलएलआर अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. विनय कटियार के अनुसार, होली पर शहर में हुए विभिन्न हादसों में कुल 45 लोग घायल हुए। इनमें से 28 को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया, जबकि 17 को भर्ती किया गया है। न्यूरोसर्जरी विभाग में आठ और आर्थोपेडिक विभाग में आठ मरीज भर्ती हैं। सर्जरी विभाग में कुल 22 घायलों को लाया गया था, जिनमें से एक को भर्ती रखना पड़ा। डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश मामलों में सिर और हड्डियों में गंभीर चोटें आई हैं।
Published on:
05 Mar 2026 06:24 pm
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