
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
कानपुर के चुन्नीगंज स्थित बीएनएसडी इंटर कॉलेज में होमगार्ड भर्ती परीक्षा के दौरान हाईटेक नकल कराने की एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। पुलिस की सतर्कता से परीक्षा केंद्र पर चल रहे सुनियोजित षड्यंत्र को समय रहते विफल कर दिया गया। इस मामले में कॉलेज के एक प्रवक्ता और अखिलेश यादव समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। घटना सामने आने के बाद भर्ती परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
पुलिस के अनुसार संदीप चंद्र और निर्मल कुमार फर्जी कक्ष निरीक्षक बनकर परीक्षा केंद्र में दाखिल हुए थे। दोनों के नाम ड्यूटी चार्ट में दर्ज थे, जबकि जिला प्रशासन से जारी अधिकृत सूची में उनका नाम नहीं मिला। दूसरी पाली की परीक्षा शुरू होने से कुछ मिनट पहले दोपहर 2:55 बजे संदीप चंद्र संदिग्ध हालत में वॉशरूम की ओर जाता दिखा। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे रोककर तलाशी ली तो उसके पास से सीलबंद प्रश्नपत्र बरामद हुआ। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह प्रश्नपत्र को दूसरे कमरे में ले जाकर उसकी फोटो खींचने वाला था।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी मोबाइल फोन से प्रश्नपत्र की तस्वीर लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से सवालों के जवाब निकलवाने वाले थे। इसके बाद एनसीसी कक्ष में पहले से रखे पॉकेट प्रिंटर से उत्तर की कॉपी निकाली जानी थी। योजना यह थी कि इन उत्तरों को परीक्षा कक्ष तक पहुंचाकर एक अभ्यर्थी को अनुचित लाभ दिलाया जाए। पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन और पॉकेट प्रिंटर भी बरामद किया है। जांच में यह भी पता चला कि अनुपस्थित अभ्यर्थी राहुल कुमार को उपस्थित दिखाकर उसकी ओएमआर शीट भरने की तैयारी थी।
जांच में सामने आया कि कॉलेज के प्रवक्ता अखिलेश यादव ने ही एनसीसी कक्ष में मोबाइल और प्रिंटर रखवाकर कमरे में ताला लगवाया था। उसी ने ड्यूटी चार्ट में दोनों आरोपियों के नाम भी लिखवाए थे। पुलिस ने सह केंद्र व्यवस्थापक ललित बाजपेई की शिकायत पर अखिलेश यादव, संदीप चंद्र और निर्मल कुमार के खिलाफ थाना कर्नलगंज में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस उपायुक्त सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि यह परीक्षा में नकल कराने का संगठित प्रयास था, जिसे पुलिसकर्मियों की सतर्कता ने विफल कर दिया। मामले की जांच एसीपी को सौंप दी गई है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है। पूरे मामले में अभी तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
Updated on:
26 Apr 2026, 2:12 PM IST
Published on:
26 Apr 2026, 2:09 PM IST
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