
समाजवादी पार्टी के विधायक अमिताभ बाजपेई
कानपुर। समाजवादी पार्टी के आर्यनगर विधानसभा से विधायक Amitabh Bajpai ने माल रोड स्थित पंडित गणेश शंकर विद्यार्थी जी के चबूतरे पर पहुंचकर अनोखा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने अपने रक्त से “मूर्ति कहां है, कब लगेगी?” संदेश लिखकर प्रशासन और जिम्मेदार विभागों पर गंभीर सवाल खड़े किए। विधायक बिना चप्पल और बिना शर्ट के नंगे पैर स्थल पर पहुंचे और अपने पूर्व निर्धारित संकल्प के तहत विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों में भी आश्चर्य और चर्चा का माहौल बना रहा। विधायक ने कहा कि यह आंदोलन प्रतीकात्मक नहीं बल्कि जनभावनाओं से जुड़ा हुआ है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
विधायक ने आरोप लगाया कि जिस स्थान पर प्रतिमा स्थापित की जानी है, वहां चबूतरा और शेड पूरी तरह बनकर तैयार है, लेकिन इसके बावजूद लंबे समय से प्रतिमा नहीं लगाई गई है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाती है। स्थानीय लोगों की भावनाओं को देखते हुए यह कार्य बहुत पहले पूरा हो जाना चाहिए था। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पूरी तैयारी हो चुकी है तो फिर प्रतिमा स्थापना में देरी क्यों हो रही है। इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में भी असंतोष की भावना देखी जा रही है। विधायक ने स्पष्ट कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
विधायक ने कहा कि यह केवल एक प्रतिमा का मामला नहीं है, बल्कि कानपुर की ऐतिहासिक पहचान और अस्मिता से जुड़ा विषय है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और पत्रकार पंडित Ganesh Shankar Vidyarthi ने देश और समाज के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। ऐसे महान व्यक्तित्व का सम्मान शहर की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि उनकी प्रतिमा को समय पर स्थापित न करना न केवल इतिहास का अपमान है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी गलत संदेश देता है। इस मुद्दे को लेकर लोगों में भी चर्चा तेज हो गई है और समर्थन तथा विरोध दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
विधायक अमिताभ बाजपेयी ने माल रोड स्थित मेट्रो स्टेशन का नाम पंडित गणेश शंकर विद्यार्थी स्टेशन रखने की मांग भी दोहराई। उन्होंने कहा कि यह मांग भी शहर के ऐतिहासिक सम्मान से जुड़ी हुई है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रतिमा स्थापना की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई तो जनता के सहयोग से बड़ा जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक प्रतिमा को सम्मानजनक रूप से स्थापित नहीं कर दिया जाता। मौके पर मौजूद समर्थकों ने भी इस मांग का समर्थन किया और इसे कानपुर के गौरव से जुड़ा विषय बताया।
Published on:
18 May 2026 01:20 am
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