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सड़कें खोदीं, जवाबदेही भूले? डीएम का अल्टीमेटम, मरम्मत नहीं तो अफसरों पर होगी कार्रवाई

Road Cutting Accountability:कानपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर डीएम ने सख्त रुख अपनाया है। तीन साल की रोड कटिंग का पूरा ब्यौरा तलब किया गया है। मरम्मत न कराने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।

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कानपुर : सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट कहा कि यातायात नियम कोई सुझाव नहीं, बल्कि जीवन रक्षा के अनिवार्य नियम हैं। इनका पालन हर हाल में सुनिश्चित कराया जाएगा। बैठक का केंद्र बिंदु प्रवर्तन की सख्ती, सड़क हादसों में आई कमी और रोड कटिंग के बाद लापरवाही पर जवाबदेही तय करना रहा।

रोड कटिंग का मांगा विस्तृत ब्यौरा -

डीएम ने लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, जल निगम तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण समेत सभी कार्यदायी संस्थाओं से विगत तीन वर्षों में की गई रोड कटिंग का विस्तृत ब्यौरा मांगा है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां-जहां खुदाई के बाद सड़क की मरम्मत नहीं की गई है, वहां संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई प्रस्तावित की जाए। रावतपुर क्रॉसिंग से डबल पुलिया तक क्षतिग्रस्त सड़क का मामला विशेष रूप से उठाया गया, जिस पर नाराजगी जताते हुए शासन को कार्रवाई प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए।

आंकड़ों के अनुसार -

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 में शासन के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के दौरान यातायात पुलिस ने 10,108 चालान किए। इनमें 6,297 ओवरस्पीड, 1,307 नो पार्किंग, 996 बिना हेलमेट और 938 गलत दिशा में वाहन संचालन के मामले शामिल रहे। इसके मुकाबले नवंबर 2025 में 2,267 और दिसंबर 2025 में 3,202 चालान हुए थे। बढ़ी सख्ती का असर दुर्घटनाओं में कमी के रूप में दिखा। जनवरी 2025 में 37 सड़क हादसे दर्ज हुए थे, जो जनवरी 2026 में घटकर 24 रह गए। मृतकों की संख्या 26 से घटकर 17 और घायलों की संख्या 23 से घटकर 9 हो गई।

विशेष टीमें की गई गठित -

शहर के 18 थानों को चिन्हित करते हुए 20 विशेष टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक टीम में एक प्रभारी उपनिरीक्षक और चार आरक्षी तैनात हैं। टीमों को स्पीड लेजर गन, बॉडी वॉर्न कैमरा, डेसीबल मीटर, ब्रेथ एनालाइजर, रिफ्लेक्टिव जैकेट, सर्च लाइट और फर्स्ट एड किट उपलब्ध कराई गई है, ताकि प्रवर्तन के साथ आपात स्थिति में त्वरित सहायता भी दी जा सके।योजनाओं के

व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश -

बैठक में गोल्डन आवर में उपचार, राहवीर योजना और घायल को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने की योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए। नगर निगम के मुख्य अभियंता और मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने भविष्य में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में रविंद्र कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।