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Kanpur News:8 लाख की लूट से खुली 1600 करोड़ की परतें, बड़ा कैश सिंडिकेट बेनकाब, 6 गिरफ्तारी

Kanpur Cash Syndicate:महज आठ लाख की लूट की जांच में 1600 करोड़ के कैश सिंडिकेट का खुलासा हुआ। पुलिस ने नेटवर्क की परतें उधेड़ते हुए अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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कानपुर के श्याम नगर में हुई महज 8 लाख रुपये की लूट ने ऐसा कैश नेटवर्क उजागर किया है, जिसने पुलिस से लेकर जांच एजेंसियों तक को चौंका दिया। मामूली दिखने वाली इस वारदात की परतें खुलीं तो ढाई साल में करीब 1600 करोड़ रुपये की नकद निकासी का चौंकाने वाला खेल सामने आ गया। पुलिस ने इस मामले में अब्दुल रहमान,शुभान खान, लारेब सिद्दीकी, मो. जीशान समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि यासीन और मुजाहिद को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है।

बाइक सवार बदमाशों ने घटना को दिया था अंजाम -

वारदात 16 फरवरी की है। जाजमऊ निवासी टेनरी कारोबारी महफूज के लिए कैश कैरियर का काम करने वाले वासिद और अरशद बैंक से रुपये लेकर जा रहे थे। तभी बाइक सवार बदमाशों ने रास्ते में उन्हें रोक लिया, तमंचे की बट से हमला किया और रकम लूट ली। हैरानी की बात यह रही कि घायलों ने पहले 25 लाख, फिर 12 लाख और अंत में 8 लाख रुपये लूट की बात कही। एक समय तो उन्होंने लूट से ही इनकार कर दिया। इसी विरोधाभास ने पुलिस को शक की सुई गहराई तक घुमाने पर मजबूर कर दिया।

जांच में बड़ा खुलासा -

पड़ताल के दौरान सामने आया कि उसी दिन फूलबाग स्थित आईडीबीआई बैंक से 3.20 करोड़ रुपये की नकद निकासी हुई थी। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि वर्ष 2023 से 2025 के बीच महफूज और उसके करीबियों के 12 बैंकों के 68 खातों से करीब 1600 करोड़ रुपये नकद निकाले गए। इनमें केवल आईडीबीआई बैंक के 14 खातों से ही 850 करोड़ रुपये की निकासी दर्ज मिली। खातों में कानपुर, उन्नाव और फतेहपुर की 10 इंटरप्राइजेज से बड़ी रकम ट्रांसफर होने के सबूत मिले हैं।

मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी की आशंका -

पुलिस कमिश्नर के अनुसार, इतनी बड़ी नकद निकासी सीधे तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स चोरी या अन्य संदिग्ध गतिविधियों की ओर इशारा करती है। जांच में यह भी सामने आया कि जीएसटी से छूट लेने के लिए एपीएमसी सर्टिफिकेट हासिल कर फर्म को कृषि क्षेत्र से जुड़ा दिखाया गया। वहीं, 10 लाख रुपये से अधिक की नकद निकासी पर STR (सस्पिशस ट्रांजैक्शन रिपोर्ट) न बनाने को लेकर बैंकों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

क्या बोले पुलिस आयुक्त -

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि बैंक लेन-देन के तकनीकी विश्लेषण में करोड़ों रुपये की संदिग्ध नकद निकासी का खुलासा। मुख्य आरोपी महफूज के 68 खातों से ₹1600 करोड़ कैश (विड्रॉल) की जांच जारी।इस मामले में बैंक स्तर पर संभावित लापरवाही,कर चोरी एवं संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों के दृष्टिगत आयकर विभाग,जीएसटी विभाग,प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तथा भारतीय रिजर्व बैंक को भी सूचित किया जाएगा, ताकि वे अपने-अपने स्तर से विस्तृत जांच सुनिश्चित कर सकें।प्रकरण की विवेचना प्रचलित है तथा अन्य संबंधित तथ्यों की गहन जांच की जा रही है।जल्द ही मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।