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Kanpur News:नकली ‘पर्यावरण विभाग’ बनकर वसूली का खेल, नोटिस के नाम पर ठगी,मुकदमा दर्ज

Fake Environmental Department Scam :कानपुर में फर्जी संस्था ने पर्यावरण विभाग का नाम और प्रतीक चिन्ह इस्तेमाल कर लोगों को नोटिस भेजकर अवैध वसूली की। शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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कानपुर

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Avanish Kumar

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Updated: 22 Mar 2026, 11:30 PM IST

कानपुर में सरकारी विभाग के नाम और प्रतीक चिन्ह का दुरुपयोग कर अवैध वसूली करने का मामला सामने आया है। एक निजी संस्था ने खुद को पर्यावरण विभाग से संबद्ध बताकर लोगों को नोटिस भेजे, उन्हें कानूनी कार्रवाई का डर दिखाया और “पर्यावरण शुल्क” के नाम पर धन वसूला। मामला उजागर होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने पर्यावरण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नोटिस भेजकर लोगों को डराया, पर्यावरण शुल्क के नाम पर ठगी

पर्यावरण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी अजीत कुमार सुमन के अनुसार, हरिकिशन नगर, मकड़ीखेड़ा स्थित “ग्रीन/हर्बल हेल्थ सेंटर (पर्यावरण विभाग)” नाम की संस्था संदिग्ध तरीके से कार्य कर रही थी। संस्था के लोग क्षेत्र में भवन निर्माण कराने वाले व्यक्तियों और अन्य नागरिकों को नोटिस जारी करते थे। इन नोटिसों में पर्यावरण सुरक्षा अधिनियम-1986 का हवाला देते हुए हरियाली की कमी, प्रदूषण नियंत्रण में लापरवाही और अन्य कथित खामियों का जिक्र किया जाता था। इसके बाद लोगों को कार्रवाई का भय दिखाकर उनसे मोटी रकम वसूलने की कोशिश की जाती थी।

जांच में खुलासा: बिना अनुमति इस्तेमाल हो रहे थे सरकारी नाम व प्रतीक

मामले की शिकायत मिलने पर पर्यावरण विभाग ने तत्काल जिलाधिकारी कार्यालय को सूचित किया। इसके बाद एक टीम गठित कर मौके पर जांच कराई गई। जांच के दौरान संस्था का को-ऑर्डिनेटर मनोज कुमार मौके पर मिला। उसके द्वारा प्रस्तुत परिचय पत्र और दस्तावेजों में पर्यावरण विभाग, उत्तर प्रदेश शासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लखनऊ का नाम अंकित था। हालांकि जांच में स्पष्ट हुआ कि संस्था को इन विभागों के नाम या प्रतीक चिन्ह के इस्तेमाल की कोई वैध अनुमति प्राप्त नहीं थी। संस्था अपने लेटरहेड, नोटिस और अन्य कागजातों में सरकारी प्रतीकों का उपयोग कर लोगों को भ्रमित कर रही थी।पर्यावरण निदेशालय और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उक्त संस्था का उनके विभाग से कोई संबंध नहीं है और न ही उसे निरीक्षण करने या नोटिस जारी करने का अधिकार दिया गया है।

दो आरोपियों पर मुकदमा दर्ज, पुलिस कर रही जांच

थाना प्रभारी कल्याणपुर संतोष सिंह ने बताया कि सरकारी विभाग के नाम का दुरुपयोग कर अवैध वसूली करने की शिकायत मिली है। तहरीर के आधार पर मनोज कुमार और के.एन. सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।