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कानपुर में नर्स की हत्या का खुलासा: हेड कांस्टेबल और उसका दोस्त गिरफ्तार

कानपुर में नर्स की हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने हेड कांस्टेबल और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया है। ‌जिसने नर्स की हत्या कर शव को एटा जिले के सूखे कुएं में फेंका था।

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उत्तर प्रदेश के कानपुर में हेड कांस्टेबल ने अपने साथी के साथ मिलकर प्रेमिका की गला दबाकर हत्या कर दी। शव को एटा जिले में अपने गांव के सूखे कुएं में फेंक दिया। घटना का खुलासा करते हुए पुलिस उपायुक्त दक्षिण ने बताया कि थाना में तैनाती के दौरान मृतिका नर्स से नजदीकियां बढ़ी थी। वह शादी का दबाव बना रही थी। जिससे छुटकारा पाने के लिए हेड कांस्टेबल ने अपने दोस्त की मदद से उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

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मनोज कुमार पुत्र विजय सिंह निवासी एलआईजी तत्या टोपे नगर गुजैनी कानपुर जो मूलतः गांधी नगर जैथरा अलीगंज एटा का रहने वाला है। जो उत्तर प्रदेश पुलिस में हेड कांस्टेबल पद पर कार्य कर रहा है। 2-3 साल पहले वह कानपुर के बर्रा में तैनात था। इस दौरान वह मृतिका नर्स के नजदीक आया। दोनों में काफी नजदीकियां बढ़ गई थी। नर्स मनोज कुमार पर शादी का दबाव बनाने लगी। जबकि मनोज कुमार पहले से ही शादीशुदा था। 

मित्र की सहायता से की हत्या

नर्स के लगातार दबाव बनाने पर मनोज कुमार ने उसे रास्ते से हटाने का निश्चय किया। जिसमें उसने अपने मित्र राहुल कुमार निवासी राम सिंह का पुरवा पोस्ट भीमसेन थाना संचेडी कानपुर नगर को भी शामिल किया। नर्स का अपहरण करने के बाद 8 फरवरी 2024 उसकी हत्या कर दी। 

शव को सूखे कुएं में फेंका 

शव को अपने गांव जैथरा जनपद एटा में ले जाकर सूखे कुएं में फेंक दिया। जबकि नर्स का मोबाइल को उसने राहुल की मदद से अयोध्या में फेंकवाया था। जिससे कि पुलिस को गुमराह किया जा सके। 18 फरवरी 2024 को एटा पुलिस ने जैथरा गांव के सूखे कुएं से शव बरामद कर लिया था।

क्या कहते हैं पुलिस उपयुक्त दक्षिण?

इस संबंध में पुलिस उपयुक्त दक्षिण रविंद्र कुमार ने बताया कि 18 फरवरी 2024 को सूखे कुएं से पुलिस ने शव को बरामद किया था। स्थानीय पुलिस ने शिनाख्त का प्रयास किया। लेकिन सफलता नहीं मिली। बर्रा थाना में गुमसुदगी दर्ज होने के बाद टेक्निकल टीम की मदद से विवेचना की जा रही थी। इस दौरान राहुल की गिरफ्तारी हुई। जिसके बाद हत्या का खुलासा हुआ। हेड कांस्टेबल मनोज को भी गिरफ्तार किया गया। दोनों ने घटना को करना स्वीकार किया।