
कानपुर। नगर निगम ने बकाया कर वसूली को लेकर अब पूरी तरह आक्रामक रुख अपना लिया है। करोड़ों रुपये दबाकर बैठे बड़े-बड़े संस्थानों और सरकारी विभागों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सबसे ज्यादा बकाया भारतीय रेलवे पर है, जिस पर करीब 183 करोड़ रुपये की देनदारी लंबित है।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, रेलवे समेत कई सरकारी विभाग वर्षों से कर भुगतान में लापरवाही बरत रहे हैं। अब निगम ने सभी को नोटिस जारी कर सख्त संदेश दे दिया है कि जल्द भुगतान नहीं किया तो कार्रवाई तय है। यही नहीं, जिलाधिकारी कार्यालय पर भी 73.89 लाख रुपये बकाया है, जिसे लेकर भी पत्राचार शुरू कर दिया गया है।
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार रक्षा विहार पर करीब 110 करोड़ रुपये का बकाया है। वहीं न्यू एयरपोर्ट परियोजना पर 4.83 करोड़ रुपये, लेबर विभाग पर 10.18 लाख रुपये और वस्त्र भवन पर 30.79 लाख रुपये की देनदारी दर्ज है। इन सभी संस्थानों को भुगतान के लिए अंतिम चेतावनी दी जा रही है।
नगर निगम ने साफ कर दिया है कि अब छोटे नहीं, बल्कि बड़े बकायेदारों पर सीधी कार्रवाई होगी। 50 हजार रुपये से अधिक बकाया रखने वालों को नोटिस थमाए जा रहे हैं। तय समय में भुगतान न होने पर कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इस बार किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
नगर निगम ने इस वित्तीय वर्ष में 700 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य रखा था, लेकिन अब तक केवल 475 करोड़ रुपये ही वसूले जा सके हैं। लक्ष्य से पीछे रहने पर निगम प्रशासन की चिंता बढ़ गई है, जिसके चलते मार्च के आखिरी दिनों में वसूली अभियान को युद्ध स्तर पर चला दिया गया है।
नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने आदेश दिया है कि 31 मार्च तक सभी जोनल कार्यालय छुट्टियों में भी खुले रहेंगे। इसका मकसद साफ है—कोई भी करदाता यह बहाना न बना सके कि दफ्तर बंद थे, इसलिए टैक्स जमा नहीं कर पाया।
वसूली में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर भी सख्ती शुरू हो गई है। नगर आयुक्त ने हाल ही में कम वसूली पर नाराजगी जताते हुए जोनल प्रभारियों के मार्च माह के वेतन पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। साथ ही कर अधीक्षकों और निरीक्षकों को चेतावनी दी गई है कि लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी।
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अनिरुद्ध सिंह का कहना है कि बकाया वसूली के लिए लगातार नोटिस जारी किए जा रहे हैं और जरूरत पड़ी तो कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। नगर निगम की इस सख्ती से अब यह साफ है कि इस बार बकायेदारों को राहत मिलने वाली नहीं है।
Updated on:
24 Mar 2026, 9:20 AM IST
Published on:
24 Mar 2026, 9:20 AM IST
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