
कानपुर और लखनऊ के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले करीब डेढ़ महीने तक यात्रा थोड़ी चुनौतीपूर्ण रहने वाली है। रेलवे ने ट्रैक की मजबूती और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़े पैमाने पर स्लीपर बदलने का काम शुरू किया है। इस कार्य के चलते कई ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है, जबकि कुछ ट्रेनों को पूरी तरह से निरस्त कर दिया गया है। यह बदलाव 2 अप्रैल से 13 मई तक प्रभावी रहेगा।
उत्तर रेलवे के लखनऊ खंड में पुल संख्या 110 पर स्लीपर बदलने और ट्रैक को मजबूत करने के लिए मेगा ट्रैफिक और पावर ब्लॉक लिया गया है। इस कार्य का सीधा असर ट्रेन संचालन पर पड़ा है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह कदम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ट्रेनों की रफ्तार को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। हालांकि, इस दौरान यात्रियों को अस्थायी असुविधा का सामना करना पड़ेगा।
स्लीपर बदलने के कार्य के चलते कुछ प्रमुख ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है। इनमें ट्रेन संख्या 54101-02 प्रयागराज संगम-कानपुर अनवरगंज पैसेंजर और 14101-02 प्रयागराज संगम-कानपुर सेंट्रल एक्सप्रेस शामिल हैं। ये ट्रेनें 2 अप्रैल से 13 मई तक निरस्त रहेंगी। इससे खासतौर पर रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।इसके अलावा कई पैसेंजर और मेमू ट्रेनें भी इस अवधि में नहीं चलेंगी। इनमें वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-लखनऊ मेमू, रायबरेली-कानपुर सेंट्रल पैसेंजर, कानपुर सेंट्रल-लखनऊ मेमू, उतरेटिया-कानपुर सेंट्रल मेमू, सीतापुर सिटी-कानपुर सेंट्रल पैसेंजर और लखनऊ-कासगंज पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं।
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कुछ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया है। आगरा फोर्ट-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस अब अपने पारंपरिक रूट से नहीं चलेगी। यह ट्रेन यमुना ब्रिज, टूंडला, फिरोजाबाद, शिकोहाबाद, इटावा, भरथना, फफूंद, झीझक, रूरा, पनकी धाम और कानपुर सेंट्रल जैसे स्टेशनों से होकर नहीं जाएगी। इसके बजाय यह ट्रेन आगरा फोर्ट से मथुरा, कासगंज और शाहजहांपुर के रास्ते लखनऊ पहुंचेगी। यह बदलाव कुल 42 फेरों तक लागू रहेगा।वहीं, नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस का मार्ग भी परिवर्तित किया गया है। अब यह ट्रेन गाजियाबाद और मुरादाबाद होते हुए लखनऊ पहुंचेगी। इस बदलाव के कारण यात्रा समय में कुछ अंतर आ सकता है।
गाड़ी संख्या 12469 कानपुर सेंट्रल-जम्मूतवी एक्सप्रेस के मार्ग में भी अस्थायी बदलाव किया गया है। यह ट्रेन अप्रैल और मई में निर्धारित तिथियों पर इटावा होते हुए दिल्ली और अंबाला कैंट तक जाएगी। इससे इटावा और आसपास के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा, जो अब इस ट्रेन के जरिए आसानी से सफर कर सकेंगे।पहले यह ट्रेन उन्नाव, हरदोई, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, लक्सर और सहारनपुर के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंचती थी।
Published on:
23 Mar 2026 07:12 pm
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