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कानपुर का गणतंत्र दिवस विशेष: जब ऑटो चालक ने डीएम के साथ फहराया तिरंगा, दी सलामी, देख तस्वीरें भी

Kanpur Special Republic Day auto driver hoisted tricolor with DM कानपुर में आखिरकार वह दिन आ गया। जब जिलाधिकारी ने ऑटो चालक को चीफ गेस्ट बनाया और उनके साथ तिरंगा फहराया। यह वही ऑटो चालक है। जिन्होंने इच्छा मृत्यु की मांग लेकर डीएम से फरियाद की थी। जानें पूरा मामला क्या है?

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गणतंत्र दिवस स्पेशल: कानपुर डीएमके साथ ऑटो चालक राकेश

Kanpur Special Republic Day auto driver hoisted tricolor with DM कानपुर में इच्छा मृत्यु मांगने वाले ऑटो चालक के साथ डीएम ने गणतंत्र दिवस का तिरंगा फहराया। इस मौके पर उन्होंने मुख्य अतिथि का दर्जा दिया और अपने बगल बैठाया। ऑटो चालक जिला प्रशासन के इस सम्मान पर काफी खुश है। उसने कहा कि कभी नहीं सोचा था कि डीएम साहब इतना बड़ा सम्मान देंगे। उनका परिवार किसी प्रकार घर खर्च चल रहा है। मामला ऑटो चालक और यातायात पुलिस से जुड़ा है। जिसमें यातायात पुलिस ने ऑटो चालक के साथ अभद्रता और मारपीट की थी।

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उत्तर प्रदेश के कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने 18 जनवरी को पदभार ग्रहण किया था। तब से लगातार अपने कार्यों से लोगों के दिल में जगह बना रहे हैं। गलत कार्य करने वालों को छोड़ते नहीं है और अच्छा कार्य करने वालों को की दिल खोलकर तारीफ कर रहे हैं। फिर चाहे बिधनू स्थित प्राथमिक विद्यालय कठारा प्रथम ही क्यों न हो? जहां बच्चों को दी जाने वाली मिड डे मील योजना के विषय में जानकारी प्राप्त की और उनके साथ भोजन किया। सब कुछ सही पाए जाने पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की और बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। ‌

अपने कार्यालय में फरियाद सुन रहे थे डीएम

अपने कार्यालय में डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह फरियादियों की समस्याओं को सुन रहे थे। इसी बीच ऑटो चालक राकेश सोनी निवासी हनुमंत विहार कानपुर मौके पर पहुंचा और उसने रोते हुए इच्छा मृत्यु की मांग की। इस पर डीएम ने चुप कराया और कारण पूछा। उन्होंने तत्काल राकेश सोनी की समस्या का समाधान ही नहीं किया। बल्कि अपने अधीनस्थों को बुलाकर 26 जनवरी का चीफ गेस्ट बनाने को कहा।

जिला प्रशासन ने निमंत्रण पत्र भेजा

इसके बाद राकेश सोनी के घर में सदर तहसीलदार के माध्यम से निमंत्रण पत्र भी भेजा गया। जिस पर कर राकेश सोनी का परिवार गदगद है। उन्होंने कहा कि जिंदगी में कभी नहीं सोचा था कि यह सम्मान मिलेगा। वह ऑटो चालक है। रोजाना तीन से चार सौ रुपए की कमाई होती है। पत्नी स्कूल में आया का काम करती है। जिससे गुजर-बसर हो जाता है।

पुलिस वाले अभद्रता करते हैं

डीएम साहब के निमंत्रण के बाद कौन से कपड़े पहन कर जाए, समझ में नहीं आ रहा था। नए कपड़े बनवाने की स्थिति नहीं थी। राकेश सोनी ने बताया कि वह लोग रोड पर ही सवारियां उतारने और बैठाने का कार्य करते हैं। यहां पर पुलिस वाले उनके साथ अभद्रता करते हैं। पिछले 28 साल से ऑटो चालक का कार्य कर रहा हूं।

कमिश्नर ऑफिस में शिकायत की

अपने साथ हुई अभद्रता की शिकायत उन्होंने पुलिस कमिश्नर ऑफिस में की। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इधर डीएम साहब ने गरीब बच्चों की स्कूल की फीस को अपने पास से दिया तो उन्हें विश्वास हुआ कि यहां पर मदद मिलेगी। उनकी शिकायत सुनकर डीएम साहब ने कहा कि तुम्हारा अपमान हुआ है। अब मैं तुम्हें सम्मानित करवाऊंगा। गणतंत्र दिवस के दिन कलेक्ट्रेट आना है। यहां पर चीफ गेस्ट बनोगे। इसके बाद आज जिलाधिकारी ने राकेश सोनी के साथ अपने बगल में बैठाया और साथ में राष्ट्रीय ध्वज भी फहराया।

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