
हैरानगी : नौकरियां गई तो लोगों ने खाली कर दिया अपना पीएफ अकाउंट
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर. रिटायरमेंट के बाद पीएफ में जमा धन आगे की जिंदगी को सुखपूर्वक बीतने के लिए एक बड़ा सहारा हाेता है। पर ईपीएफओ हैरान है कि कोरोना काल के नौ माह में करीब 2.30 करोड़ लोगों ने क्लेम के दावे किए हैं। ताज्जुब है कि यह आंकड़ा अप्रैल 2020 से दिसम्बर तक का है। इनमें करीब 58 लाख सदस्याेेें ने कोरोना संकट काे समस्या बताकर करीब 14 हजार करोड़ पीएफ खाते से निकाले हैं। बताया जा रहा है कि ईपीएफओ की स्थापना के बाद से कभी भी इतनी बड़ी संख्या में लोगों अपना पीएफ नहीं निकाला है।
52 लाख सदस्यों ने घर बनवाने के नाम पर किए दावे :- कोरोना वायरस ने बहुत सारे लोगों को बेरोजगार कर दिया है। साथ ही बहुत सारे लोग भारी आर्थिक संकट सेेे गुजर रहे हैं। अब खर्चों को पूरा करने में पीएफ ही एक बड़ा सहारा रह गया है। कोरोना महामारी की वजह से ईपीएफओ ने अपने सदस्यों को 75 फ़ीसदी रकम खाते से एडवांस निकालने की सुविधा दी है। लोगों ने पीएफ से अपने पैसे निकालने के लिए दावे शुरू कर दिए। पर आलम यह हो गया कि नए साल में धन निकासी में और तेजी आ गयी। 30 फीसद सदस्यों यानि की 52 लाख सदस्यों ने घर बनवाने या घर खरीदने के नाम पर हाउस क्लेम लिया है।
निकासी के रिकॉर्ड हैरान करने वाले :- ईपीएफओ बोर्ड सदस्य पीएस वाजपेई और सुखदेव प्रसाद मिश्र ने कहाकि,नौकरियों पर संकट आने पर ही सदस्यों ने बड़ी संख्या में निकासी की है। यह आंकड़ा काफी चिंताजनक है क्योंकि पीएफ से रिटायरमेंट में गुजर-बसर करते हैं। उन्होंने आगे कहाकि, लेकिन निकासी के रिकॉर्ड ने हैरान कर दिया है। 2.30 करोड़ क्लेम और 14 हजार करोड़़ रुपए कोविड-19 एडवांस, खजाना खाली करने के लिए काफी है। ईपीएफ एसोसिएशन के महामंत्री राजेश शुक्ला ने कोविड-19 एउवासं को बंद करने को कहा है ताकि सदस्यों का भविष्य सुरक्षित हो सके।
Published on:
16 Jan 2021 06:13 pm
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