
बड़ी हाउसिंग स्कीम को लेकर केडीए के एक अन्य कारनामे का बड़ा खुलासा
कानपुर। एक हाउसिंग स्कीम को लेकर केडीए कर्मियों एक और नया कारनामा सामने आया है. ये मामला है किदवई नगर वाई ब्लाक से संबंधित. बताया गया है कि यहां के बाद अब सुजातगंज हाउसिंग स्कीम में छह दर्जन से अधिक प्लॉट मिले हैं. करोड़ों की कीमत के ये प्लॉट केडीए में सक्रिय रैकेट ने फाइलों में दबा रखे थे. वहीं मामले का खुलासा होने के बाद केडीए ने अब इन्हें बेचने की तैयारी भी शुरू कर दी है. फिलहाल नोटिस जारी कर एलॉटमेंट संबंधी जानकारी मांगी गई है. केडीए भी जुट गया है पूरी की पूरी जानकारी इकट्ठा करने में.
ऐसी मिली है जानकारी
फर्जी कागजात के जरिए केडीए प्लाट्स की रजिस्ट्री के चार दर्जन से अधिक मामले सामने आ चुके हैं. ज्यादातर प्लाट पुरानी स्कीम के हैं, जिनकी फाइलें पहले केडीए के इम्प्लाइज ने दबा लीं. फिर एलॉटमेंट व जमा रसीदों का फर्जीवाड़ा कर रजिस्ट्री करा ली. शायद इन्हीं वजह से केडीए की हाउसिंग स्कीम्स और जमीनों का ऑडिट लखनऊ की एक कम्पनी कर रही है. सारे प्रोजेक्ट्स वहीं से हैंडल किए जा रहे हैं.
दी है ऐसी जानकारी
कुछ समय पहले इस कम्पनी ने किदवई वाई ब्लॉक व वाई वन ब्लॉक हाउसिंग स्कीम के तीन दर्जन खाली प्लॉट्स की जानकारी दी है. जांच के बाद केडीए ने इनमें से 12 प्लाट ई-ऑक्शन पर लगा दिये हैं. इसमें से लगभग हर एक प्लॉट एक करोड़ से अधिक कीमत का है. ये सभी प्लॉट्स एक से बढ़ एक है और लोगों को बेहद पसंद आने वाले हैं.
पूरा किया सर्वे
इधर कम्पनी ने हाउसिंग स्कीम 2 सुजातगंज का सर्वे भी पूरा कर लिया है. इसमें उसे छह दर्जन से अधिक खाली प्लॉट मिले. केडीए ने इन प्लाट्स की जांच भी पूरी कर ली है. केडीए ने इन प्लाट्स को बेचने की तैयारी शुरू कर दी है. फिलहाल केडीए के सेक्रेटरी केपी सिंह की तरफ से नोटिस जारी कर इन 78 प्लाट्स की (नम्बर सहित) जानकारी लोगों को उपलब्ध कराई गई है, जिससे अगर किसी को यह प्लॉट एलॉट या स्वामित्व है तो वह अपना ऑब्जेक्शन दर्ज करा सके.
Published on:
20 Sept 2018 06:17 pm
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