
अब मस्जिदों में ऐसे अता करनी होगी पांच वक्त की नमाज, जान लें यहां का नया नियम
कानपुर. (Coronavirus in UP) कोरोना के कहर को देखते हुए सुन्नी उलमा काउंसिल ने कानपुर शहर में केरल मॉडल (Kerala Model) लागू कर का फैसला लिया। इससे मस्जिदों में नमाजियों की संख्या स्थितियां सामान्य होने तक सीमित रहेगी। मॉडल के तहत जब भी धार्मिक स्थलों को खोलने पर फैसला होगा तब से फजिर (सुबह 04:30 बजे) के वक्त आने वाले नमाजियों को टोकन दिया जाएगा। इन्हीं नमाजियों को पांचों वक्त की नमाज में आने का मौका मिलेगा। फिर शाम के वक्त की नमाज यानी ईशा में सभी से यह टोकन वापस ले लिए जाएंगे। पांच वक्त की नमाज अता करने कि लिए लोग मस्जिदों में जाते हैं। सुबह यानी फजिर की नमाज (04:30-05 बजे के करीब), जोहर (01:30 से 02:00 बजे के करीब), असिर (सायं 05:00 के करीब ), मगरिब (शाम 07 बजे के करीब) और ईशां (रात 08:30 बजे के बाद) होती है।
सोशल डिस्टेंसिंग होगी आसान
सुन्नी उलमा काउंसिल के महामंत्री हाजी मोहम्मद सलीस का कहना है कि जब धार्मिक स्थल खोले जाने की बात आई तो प्रशासन केवल पांच लोगों के आने की अनुमति दी और तब कई मुस्लिम तंजीमों ने संख्या बढ़ाकर 30-35 करने की मांग की थी। अगर अनुमति मिल भी जाती तो यह तय करना मुश्किल होता कि किन 30-35 लोगों को नमाज अदा करने की अनुमति दी जाए। ऐसे में केरल की तर्ज पर शहर में भी इसे अपनाने के लिए राब्ता किया जा रहा है। जब धार्मिक स्थल खुलेंगे तो इस फार्मूले पर अमल कराया जाएगा। प्रशासन को भी इसकी जानकारी दी जाएगी। सुन्नी उलमा काउंसिल के ही मोहम्मद अतहर बताते के मुताबिक कम नमाजियों के होने से सोशल डिस्टेंसिंग आसान हो जाएगी। टोकन बिना किसी भेदभाव के बांटे जाएंगे। इसको लेकर सभी मौलाना सहमत हैं।
Published on:
25 Jun 2020 04:49 pm
