
एमपी की सियासत पर बोले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, अपनी ही पार्टी के विधायकों के रेट खोल रही कांग्रेस
कानपुर। मध्य प्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी के बीच विधायकों की खींचतान का मिड नाइट शो मंगलवार को गुरुग्राम में चला और इस पर सत्ता व विपक्ष की तरह से प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। जिला योजना समिति की बैठक में भाग लेने के लिए कानपुर पहुंचे यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कांग्रेस के बड़े बड़े नेता खुद अपने विधायकांे के रेट खोल रहे हैं। जिस पर सिर्फ हंसा ही जा सकता है। बीजेपी कभी भी सत्ता का दुरूपयोग नहीं करती। मुख्यमंत्री कमलनाथ के कामकाज से वहां के विधायक नाराज हैं और इसी के चलते सरकार जाने का खतारा देख कांग्रेस बेनियाद आरोप लगा रहे हैं।
बीजेपी संविधान के विपरीत नहीं करती कार्य
जिला योजना समिति की बैठक में शामिल होने के लिए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य कानपुर पहुंचे। विकास भवन में अलाधिकारियों के साथ बैठक की और शहर के रोडमैप पर मंथन किया। मीडिया से मुखाबित हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि एमपी में कमलनाथ की सरकार से उन्हीं के पार्टी के विधायक नाराज हैं। कांग्रेस के बड़े-बड़े नेता अपने विधायकों के रेट खोल रहे हैं। कांग्रेस जनता के विकास के बजाए बीजेपी पर आरोप लगा रही है। जबकि बीजेपी कभी भी संविधान के विपरीत कार्य नहीं करती।
कोरोना से डरे नहीं
डिप्टी सीएम ने कोरोना वायरस को लेकर कहा कि यूपी में जो मामले सामने आए हैं, उन्हें अभी सभी की रिपोर्ट नहीं आयी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपनी तैयारी पूरी की है। उन्होंने कहा कि सभी को कोरोना वायरस से सजग होने की जरूरत है, लेकिन कोई भी इसको लेकर दहशत में न आए। यदि इस बीमारी के लक्षण दिखें तो तत्काल सरकारी अस्पताल में जाकर डाॅक्टर को दिखाएं। हरजिलों में पहले से ही व्यवस्था कर ली गई है। सीएमओ की देखरेख में एक वार्ड कोरोना के लिए रखा गया है।
पार्षदों ने लगाए आरोप
डिप्टी सीएम की अध्यक्षता में हुई जिला योजना समिति की बैठक के दौरान पार्षदों ने कई मामले उठाए। पार्षदों ने कहा कि पीएम के स्वच्छता मिशन के नाम पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। कहीं शौचालय अधूरे पड़े हैं तो कहीं उनमें सामान रखे जा रहे हैं। इसी तरह पीएम आवास योजना ग्रामीण के मामले में आरोप लगाया गया कि लाभार्थी से बिना पैसे लिये उन्हें आवास नहीं दिये जा रहे हैं। इस पर डिप्टी सीएम ने दोषियों का पता लगाने के निर्देश दिए हैं।
ये मुद्दे भी उठे
बैठक में रिंग रोड और साउथ सिटी के नौबस्ता मौरंग मंडी ने 100 बेड के अस्पताल का भी मुद्दा उठा। डिप्टी सीएम ने बताया कि रिंग रोड में फिलहाल बजट नहीं है लेकिन जल्द रकम का प्रावधान कर रिंग रोड को बनवाया जाएगा। इसी तरह साउथ सिटी में 100 बेड के अस्पताल को लेकर कहा कि इसका प्रस्ताव जिला योजना से नहीं है लेकिन बजट लेकर अस्पताल का निर्माण कराया जाएगा।
जांच के दिए आदेश
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 के अंतर्गत जनपद के लिए रुपए 660 करोड़ के स्वीकृत परिव्यय के सापेक्ष रुपए 166 करोड़ 48 लाख की धनराशि अवमुक्त धनराशि हुई और उसके खर्च केवल 152 करोड़ 92 लाख ही हो पाया. इस पर डिप्टी सीएम ने उन विभागों को फिसड्डी बताया, जिन्होंने बजट पाने के लिए प्रयास नहीं किया. ऐसे विभागों और अफसरों की सूची को उन्होंने तलब किया है, जिन्होंने पिछले तीन वर्षों की जिला योजना में प्रस्तावित धनराशि के सापेक्ष शासन से बजट प्राप्त करने के लिए प्रयास नहीं किया।
प्रस्तावों को हरी झंडी
बैठक में 732.32 करोड़ के प्रस्तावों हो हरी झंडी प्रदान की गई। इस जिला योजना में स्वास्थ्य विभाग के लिए 23.18 करोड़, शिक्षा के लिए 81.34 करोड़, पेयजल के लिए 35.29 करोड़, सड़क निर्माण के लिए 143.85 करोड़ ,स्वच्छता के लिए 131.38 करोड़, आवास निर्माण के लिए 72 करोड़, रोजगार के लिए 41 करोड, लाभार्थीपरक योजनाओं के लिए 109.30 करोड़ रूपए एवं अन्य विभागीय योजनाओं के लिए बजट प्रस्तावित किया गया है। शासन से बजट लाने के लिए डिप्टी सीएम ने एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए।
जांच टीम गठित करने के दिए निर्देश
डिप्टी सीएम ने जिला योजना समिति के सदस्यों का वॉट्सऐप ग्रुप बनाकर विकास कार्यों की जानकारी देने को कहा। इसके अलावा उन्होंने शौचालयों की जांच के लिए कमेटी गठित करने के साथ ही एक माह में रिपोर्ट तलब की है। इसी तरह आवास के मामले में भी जांच की बात कही है.। बैठक में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री नीलिमा कटियार, जिला पंचायत अध्यक्ष , एमएलसी अरुण पाठक, विधायक महेश त्रिवेदी, भगवती प्रसाद सागर, अभिजीत सिंह सांगा, डीएम डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंत देव, नगर आयुक्त अक्षय त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी सुनील सिंह आदि मौजूद रहे।
Published on:
04 Mar 2020 07:06 pm
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