
बाजारों से ज्यादा सज रही घरों की छतें, कुछ इस तरह महिलाएं कर रही होली की तैयारियां, जानिए
कानपुर देहात-होली जैसा रंग बिरंगे त्यौहार किसे नही भाता है। जहां बच्चे और जवान माह की शुरुवात होते ही होली की तैयारियां शुरू कर देते हैं, वहीं महिलाएं भी होली के सुहावने पर्व में सराबोर हो जाती हैं। घरों की छतें चिप्स पापड़ से सज जाती हैं। महिलाएं आलू, साबूदाना और रवे के भिन्न भिन्न डिजायन के पापड़ और कचरी तैयार करने में लग जाती हैं। सबसे सुंदर नजारा तो गांव में देखने को मिलता है। जहां महिलाएं चिप्स पापड़ बनाते समय मंगल गीतों का लुत्फ भी उठाती हैं। इधर बाजारों में भी होली की रौनक साफ नजर आने लगती है। दुकान रंग बिरंगे चिप्स पापड़ व कचरी से सजी दिखाई पड़ती है। जिसमें खरीददारी किये बिना लोग रह नही पाते हैं।
बाजारों की अपेक्षा फायदेमंद हैं घरेलू चिप्स पापड
फिर भी अगर देखा जाते तो घर की तुलना में बाजार के ये रंग बिरंगे चिप्स पापड़ टिक नही पाते हैं। इसलिए लोग घरों में तैयार किये गए आइटमों का भरपूर आनंद भी लेते हैं। इस बार मौसम का मिजाज देखते हुए महिलाओं ने होली के एक पखवाड़े पहले ही कमर कस ली है। धूप छांव के इस खेल में महिलाएं चिप्स पापड़ बनाने पर जोर कसे हुए हैं। इसलिए सुबह घर के कामकाज की बजाय महिलाएं पहले छतों पर पहुंच जाती हैं और बनाने में जुट जाती है। उनका मानना है कि घर के पापड़ चिप्स स्वादिष्ट तो होते ही हैं।
सेहत भी रहेगी दुरुस्त
साथ ही इनमें कोई मिलावट न होने के चलते नुकसान से भी बच जाते हैं। बाजारों में यही चिप्स पापड़ के दाम भी आसमान छूते हैं। इसके अतिरिक्त मिलावट का कोई अनुमान भी नही लगाया जा सकता है, जो कही न कहीं सेहत पर बुरा असर भी डाल सकते हैं। बाजार के चिप्स पापड़ को आकर्षक बनाने के लिए दुकानदार तरह तरह के रंग केमिकल मिलाकर दुकानों में सजा देते हैं, जो काफी लुभावने तो होते हैं, लेकिन यही चिप्स पापड़ लोगों की सेहत बिगाड़कर होली का रंग फीका कर देते हैं।
Published on:
14 Mar 2019 03:20 pm
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