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बेरहम टीचर ने कक्षा में छात्र पर बरसाए धड़ाधड़ 40 थप्पड़, हालत देख सन्न रह गए सभी

टीचर ने कक्षा में खड़ा किया और चालीस बच्चों से उसे एक-एक थप्पड़ मारने को कहा। इन चालीस थप्पड़ों ने युवराज के गाल सुजा दिया।

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Ladies Teacher beating

Ladies Teacher beating

विनोद निगम
कानपुर. नन्हा युवराज स्कूल का नाम आते ही कम्बल में मुंह छिपाने लगता है। उसके दिमाग में टीचर का खौफ इस कदर भर गया है कि अब आगे पढ़ाने के लिए माता-पिता को उसका मनोवैज्ञानिक इलाज कराना पड़ेगा। मामला शहर के पॉश इलाके में स्थित यूनाइटेड पब्लिक स्कूल का है। इस स्कूल की प्रिंसीपल को लोकल टीवी चैनलों पर शिक्षा पर डिबेट में हिस्सा लेते अक्सर देखा जाता है लेकिन खुद उनके स्कूल में जो कुछ हुआ, वो बेहद शर्मनाक है। महंगी फीस अदा करके अपने बच्चे को स्कूल भेजने वाले अवस्थी परिवार ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि स्कूल में उनके बेटे युवराज के साथ शैतानी हरकतें हो सकती हैं।
पीडि़त छात्र के पिता का आरोप है कि शुक्रवार को युवराज की मां छुट्टी होने पर बेटे को लेने स्कूल गई थी तो उन्होंने बेटे का गाल सूजा पाया। बेहद डरे सहमे बच्चे ने उस समय कुछ नहीं बताया, लेकिन घर आकर उसने अपनी दादी को बताया कि वर्कशीट चेक न कराने पर उसकी टीचर ने कक्षा में खड़ा किया और चालीस बच्चों से उसे एक-एक थप्पड़ मारने को कहा। इन चालीस थप्पड़ों ने युवराज के गाल सुजा दिया।
एक-एक छात्र से जड़ाएं थप्पड़
प्राइवेट स्कूल संचालक अच्छी एजूकेशन के नाम पर बच्चों के अभिभावकों से मोटी रकम वसूलते हैं, बावजूद सुरक्षा के नाम पर इनके पास कोई उपाय नहीं है। यहां बच्चों के ऊपर जानलेवा हमले हो रहे हैं तो टीचर बच्चों पर सितम ढा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला शहर के पॉश इलाके में स्थित यूनाईटेड पब्लिक स्कूल में सामने आया, यहां एक महिला टीचर ने होमवर्क पूरा नहीं करने पर क्लास के सहपाटी 40 छात्रों से बच्चे के गाल पर एक-एक थप्पड़ मरवाए। बर्रा थानाक्षेत्र के रहने वाले उदय अवस्थी का बेटा युवराज यूनाईटेड पब्लिक स्कूल में कक्षा तीसरी का छात्र है। छात्र के पिता का आरोप है कि स्कूल की टीचर जाहीन फातिमा ने होमवर्क पूरा नहीं करने पर उनके बेटे को क्लास के दूसरे छात्र से पिटावाया। छात्र के पिता ने बताया कि शुक्रवार को टीचर ने युवराज के गाल पर पूरे 40 थप्पड़ मरवाए, जिसके कारण उसके गाल सूज गए। वह रोता हुआ घर पहुंचा और मां से पूरी दास्तां बयां की। परिजन युवराज को लेकर स्कूल पहुंचे जहां प्रिंसिपल को घटना बताई। प्रिंसिपल उल्टा परिजनों से उलझ गई और स्कूल से भाग जाने को कहा। उदय ने बताया कि पिं्रसिपल ने टीचर का पक्ष लेते हुए बेटे को शैतान बताया।
कुछ इस तरह से दी जाती है बच्चों को सजा
यूनाईटेड पब्लिक स्कूल में बच्चों की सजा जानकार आप दंग रह जाएंगे। युवराज ने बताया कि कुछ दिन पहले इसी टीचर ने उसके शरीर से सारे कपड़े उतरवा दिए और भीषण ठंड में खुले में खड़ा कर दिया। छात्र ने बताया कि सर्दी लग जाने के चलते मैं बेहोश होकर गिर गया। बावजूद टीचर का दिल नहीं पसीजा। हालत बिगडऩे पर उसने मुझे चपरासी के जरिए कमरे में लिटाया और धमकी दी कि अगर घर में शिकायत की तो देबारा तुम्हें इससे बड़ी सजा दी जाएगी। छात्र ने डर के चलते घर में परिजनों को घटना नहीं बताई। छात्र ने बताया कि उसे क्लास में उसे ***** करने का काम भी क्लास के दूसरे छात्रों से करवाया गया। इस बेहद अमानवीय दण्ड ने दस साल के युवराज को इतना खौफजदा कर दिया कि वो स्कूल की बातें घर में बताने से डरना लगा। उसे कहा गया था कि अगर उसने माता पिता को कुछ भी बताया तो उसके साथ और भी अधिक सख्ती से पेश आया जायगा।
इसलिए दी गई उसे सजा
आरोपी टीचर से जब इस मामले में पूछा गया तो उसने बेखौफ होकर कहा कि युवराज स्कूल में बहुत शैतानी करता है और दूसरे बच्चों के साथ आए दिन झगड़ा करता है। उसे डरवाने के लिए हमने अन्य स्कूली बच्चों से दो थप्पड़ मरवाए। टीचर ने कहा कि अभिभावक बेवजह मामले को तूल दे रहे हैं। हमने कई बार युवराज के पिता से उसकी शिकायत की, लेकिन वह सुधरने के बजाए बिगड़ रहा था। इस घटना से अभिभावक बेहद गुस्से में हैं। वहीं स्कूल के अन्य छात्र व उनके अभिभावकों का कहना है कि स्कूल के टीचर बच्चों को ट्यूशन पढऩे को कहते हैं और जो बच्चा आनाकानी करता है तो उसे इसी तरह से परेशान किया जाता है। युवराज ने बताया कि टीचर ने हमसे ट्यूशन पढऩे को कहा, पर घर का आर्थिक स्थित अच्छी नहीं होने के चलते हमने मना कर दिया। इसी से वह हमसे नाराज हो गईं।
टीचर को स्कूल से निकाला
मामले पर स्कूल की प्रिंसिपल शौली धीर ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच करने के बाद टीचर को स्कूल से निकाल दिया गया है। साथ ही उन पर जांच बैठा दी गई है। वहीं मामले पर एसपी साउथ ने बताया कि छात्र के परिजनों की तहरीर पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसे जेल भेजा जाएगा। वहीं अन्य छात्रों के अभिभावकों का कहना है कि स्कूल में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे। साथ ही अन्य सुविधाओं के नाम पर हमसे पैसे वसूला जाता है, लेकिन बच्चों को वह सुविधा नहीं दी जा रही हैं। छात्र के पिता ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निजी स्कूलों पर लगाम कसने वाला कानून बनाने की प्रक्रिया अभी भी ठण्डे बस्ते में पड़ी हुई है। सीएम योगी को प्राईवेट स्कूलों में नकेल कसने के लिए जल्द से जल्द कानून बनाना चाहिए।