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जाजमऊ में खजाने का पता लगते ही लोगों ने जमकर लूटे सिक्के

दरार पड़ने के बाद पास ही के गाँव के लोग के कुछ परिवार इस दरार को देखने पहुंचे और पास में ही लगभग 2600 से 3000 साल पुराने सिक्के मिले। हलांकि पुरातत्व विभाग के जांच के बाद ही सारा मामला साफ होगा। 

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vikas vajpayee

Aug 25, 2016

3000 year old coin found at jajmau kanpur

3000 year old coin found at jajmau kanpur

कानपुर। शहर के चकेरी थाना क्षेत्र के जाजमऊ में लोगों के हाथ मानों लॉटरी लग गयी। गंगा की कटान की वजह से एक मट्टी के टीले में दरार पड़ गयी। दरार पड़ने के बाद पास ही के गांव के लोग के कुछ परिवार इस दरार को देखने पहुंचे और पास में ही लगभग 2600 से 3000 साल पुराने सिक्के मिले। हालांकि पुरातत्व विभाग के जांच के बाद ही सारा मामला साफ होगा। कैंट के इस क्षेत्र में दपकेश्वर मंदिर है और लोगों की मानें तो मंदिर के आस पास के इलाके में इस तरह के और भी खजाने के मिलने की उम्मीद है।

पुराने सिक्कों को देखकर सभी ने टीले को खोदना शुरू कर दिया और हालांकि जाजमऊ गांव के कई परिवार के लोगों ने भी इस टीले से सिक्के निकालने की कोशिश की तभी गांव के कुछ असंतुष्ट लोगों ने सिक्के मिलने की जानकारी पुलिस को दे दी और मौके पर पहुंच कर पुलिस ने सारे मामले की जानकारी ली और पुरात्तव विभाग को पूरे मामले की जानकारी दी। हालांकि पुरातत्व विभाग की टीम का बृहस्पतिवार को इंतजार होता रहा।

सिक्को में किसी विलुप्त लिपि में निशान अंकित

जानकारी के मुताबिक जाजमऊ गांव में टीले की कटान के बाद दर्रे के अन्दर से चांदी और विशेष धातु के सिक्के मिलना शुरू हुए तो हड़कम्प मच गया। गांव के लोग काफी संख्या में सिक्के लूटने के लिए एकत्र हो गये लेकिन इसी बीच किसी ने पुलिस को सिक्के मिलने की जानकारी दे दी।

हालांकि इस पूरे मामले की पूरी जानकारी विशेषज्ञ की जांच के बाद ही सब कुछ साफ होगा लेकिन क्षेत्र के लोगों की मानें तो इस क्षेत्र का इतिहास काफी प्राचीन है और कभी भी इस तरफ ध्यान नहीं दिया गया। सिक्कों में अंकित भाषा की पहचान के बाद ही इसके काल और समय की पहचान कर पाना सम्भव है। लेकिन फौरी तौर पर की गयी जांच के बाद लोगों का मानना है कि इन सिक्कों का समय ईसा पूर्व 1000 साल पुराने है।

पुलिस के पहुंचते ही भाग खड़े हुए लोग

जानकारी के मुताबिक टपकेश्वर मंदिर के पास एक पुराना बरगद का पेड़ है और इसी जगह पर एक टीला भी है जिसमें बाढ़ के दौरान कटान होने से कुछ सिक्के दिखाई दिये। जिस पर लोगों ने अपने घरों पर इसकी जानकारी दी। पुलिस को सूचना करने के बजाये लोगों ने टीले की खुदाई शुरू कर दी और इसमें से काफी संख्या में सिक्कों को लूटने का काम शुरू हो गया। हालांकि क्षेत्र के ही कुछ लोगों के द्वारा पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस की रेंजर टीम को मौके पर भेजा गया। पुलिस के पहुंचते ही टीले पर सिक्के लूट रहे लोगों में भगदड़ मच गयी और लोग अपने घरों पर छिप गये। हालांकि सिक्के की लूट के विषय में लोगों ने पुलिस को कुछ नहीं बताया।
किसी तरह कुछ लोगों से जानकारी पर पुलिस ने पूछताछ की तो पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ की। हालांकि कितने सिक्के लूटे गये इस बारे में पुलिस के पास कोई जानकारी नहीं है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने एक बार फिर से लोगों को बुलाकर जानकारी ली।