
ठंड के चलते बेजुवान सेंक रहा था धूप, गुस्से से लाल युवक ने लंगूर की फोड़ दी आंख
कानुपर. ठंड के चलते इंसान के साथ ही बेजुवान हलकान हैं। मंगलवार को जब सूर्य देव ने अपनी रोशनी बिखेरी तो एक लंगूर भी धूप सेंकने लगा, तभी एक युवक उस पर टूट पड़ा। डंडे से पीट-पीट कर उसे अधमरा कर दिया। लंगूर पिटाई के चलते तड़पने लगा, तो कुछ लोगों की नजर उस पर पड़ी। सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल लंगूर को अस्पताल में एडमिट करवाया। वन विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि लंगूर की एक आंख फूट गई है, जबकि दूसरे में भी गहरा जख्म हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि मोहल्ले में कुछ बंदर उत्पात मचा रहे थे। इसी दौरान एक युवक उन्हें खदेड़ने के लिए पत्थर बरसाने लगा। बंदर तो भाग खड़े हुए, पर यह लंगूर बैठा रहा। गुस्से से लाल युवक इस बेजुबान पर टूट पड़ा।
मृत समझकर भाग गया युवक
नौबस्ता थाना क्षेत्र के छेदी सिंह पुरवा मोहल्ले में लाल मुंह वाले बंदर उत्पात मचा रहे थे। स्थानीय लोगों ने उन्हें भगाने के लिए डंडे पटके और खदेड़ दिया। इसी दौरान सड़क के किनारे एक लंगूर ठंड से बचने के लिए धूप सेंक रहा था। युवक की नजर लंगूर पर पड़ी तो उसने घर से डंडा लेकर उस पर प्रहार कर दिया। युवक लंगूर को तब तक पीटता रहा, जब तक वह जमीन पर तड़पने लगा। लंगूर को मृत समझकर युवक मौके से भाग गया। कुछ देर के बाद लंगूर उठ कर इधर-उधर गिरने-पड़ने लगा। स्थानीय लोगों ने मौके पर जाकर लंगूर को पानी के साथ ही प्राथमिक इलाज दिया और पुलिस को सूचना दी। दिखना बंद हो जाने से वह वह इधर उधर गिरता-पड़ता आता-जाता रहा। इसके बाद देरी से पहुंची पुलिस और वन विभाग की टीम उसे पशु अस्पताल ले गई।
डीएम के पास पहुंची खबर, लिया एक्शन
लंगूर को पीटने की जानकारी जैसे ही डीएम सुरेंद्र सिंह को मिली तो उन्होंने वन विभाग के साथ स्थानीय पुलिस से पूरे प्रकरण पर जानकारी ली और पीपुल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनीमल से जुड़ी अर्चना त्रिपाठी से घायल बेजुबान का इलाज करने को कहा। अर्चना त्रिपाठी ने बताया कि युवक की पिटाई से लंगूर को दिखाई नहीं दे रहा है। उसकी एक आंख फोड़ी जा चुकी हे। लंगूर को प्राथमिक इलाज के साथ पशु अस्पताल में एडमिट करवाया गया है। जहां उसकी हालत ठीक है। वहीं वन विभाग की तरफ से बंदर को पीटने वाले के खिलाफ तहरीर दी गई है। पुलिस ने तहरीर लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
तीन से लेकर सात साल की सजा का प्रावधान
अर्चना त्रिपाठी ने बताया कि वन्यजीवों को मारने पर आरोपी को तीन से सात साल की सजा का प्रावधान है। जिसने घटना को अंजाम दिया है उसने इंसानियत को शर्मसार करने का काम किया है। पुलिस स्थानीय लोगों की मदद से आरोपी की शिनाख्त कर रही है। स्थानीय निवासी राजन ने बताया लंगूर ठंड से बचने के लिए धूप ले रहा है। जबकि अन्य बंदर उत्पात मचा रहे थे। युवक की नजर लंगूर पर पड़ी तो वह इस पर टूट पड़ा।
Updated on:
03 Jan 2018 09:45 am
Published on:
03 Jan 2018 09:43 am
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