मृतक की बहन रीना ने बताया कि भाई विनय की सात माह पहले ही बर्रा की रहने वाली नीतू से हुई थी। भाई शादी बारातों में हलवाई का काम करता था। लेकिन शादी समारोह का सीजन नहीं चल रहा था तो उसको तंत्रमंत्र सीखने की सनक सवार हो गई। वहा श्रवणखेड़ा गांव गया और वह तंत्र-मंत्र की विद्या सीखने लगा। वह किताबे ढूंढ-ढूंढ कर लाने लगा और घर में अध्ययन करने लगा। किताबों में जैसे पूजा की विधि लिखी होती थी उसी तरह वह पूजा करता था। बीती शाम वह घर लौटा तो उसके पास अगरबत्ती, बताशे और नीबू था और चेहरा बिल्कुल लाल था। वह बहुत डरा हुआ था, जब उससे पूछा गया कि क्या बात हो गई, तो वह पूरे घर को गालियां बकने लगा। इसके बाद अपने कमरे में चला गया, वह अक्सर घाट से लौटने के बाद कमरे में बंद कर कई घंटे तक पूजा किया करता था। नौबस्ता थानाध्यक्ष राजीव द्विवेदी के मुताबिक मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की तरफ से किसी प्रकार की तहरीर नहीं मिली है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारण स्पष्ट हो पायेगा।