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अब रेलवे भर्ती परीक्षा में खैर नहीं सॉल्वर गैंग की, कुछ ऐसे हो गई शामत की शुरुआत

देश में चल रही रेलवे भर्ती परीक्षा में भी सॉल्वर गैंग सेंध लगाने की कोशिश कर रहा है. इसकी पुष्टि पिछले दिनों शहर में पकड़े गए एक सॉल्वर से हो गई है. उसको एसटीएफ ने कंडीडेट (परीक्षार्थी) के साथ रंगे हाथों पकड़ा है. बता दें कि ये सॉल्वर इनकम टैक्स कर्मचारी है. उसने पूछताछ में परीक्षा में और भी सॉल्वर्स के बैठने का खुलासा किया है.

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Kanpur

अब रेलवे भर्ती परीक्षा में खैर नहीं सॉल्वर गैंग की, कुछ ऐसे हो गई शामत की शुरुआत

कानपुर। देश में चल रही रेलवे भर्ती परीक्षा में भी सॉल्वर गैंग सेंध लगाने की कोशिश कर रहा है. इसकी पुष्टि पिछले दिनों शहर में पकड़े गए एक सॉल्वर से हो गई है. उसको एसटीएफ ने कंडीडेट (परीक्षार्थी) के साथ रंगे हाथों पकड़ा है. बता दें कि ये सॉल्वर इनकम टैक्स कर्मचारी है. उसने पूछताछ में परीक्षा में और भी सॉल्वर्स के बैठने का खुलासा किया है. उसने बताया कि परीक्षा में यूपी और बिहार के कई गैंग सक्रिय हैं. उसके गैंग का सरगना पटना निवासी रेल कर्मचारी है. अब एसटीएफ की एक टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए पटना रवाना हो गई है.

ऐसी मिली है जानकारी
बिहार जहानाबाद निवासी कृष्ण प्रसाद के बेटे विनय ने रेलवे भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन किया था. उसका सेंटर बिठूर स्थित एक स्कूल में पड़ा था. उसने परीक्षा पास कराने के लिए बिहार के एक सॉल्वर गैंग को ठेका दिया था. इसका सरगना रेल कर्मी शैलेश कुमार है. वह रांडी रोड रेलवे स्टेशन में गेट मैन है.

ऐसे पूरा किया था काम
शैलेश ने विनय को पास कराने के लिए उसके साथ सॉल्वर कौशल किशोर मंडल को भेजा था. कौशल मंगलवार को परीक्षा दे रहा था. एसटीएफ प्रभारी धनश्याम यादव को मुखबिर से सॉल्वर के बारे में पता चला तो उन्होंने फोर्स के साथ सेंटर पर जाकर उसको रंगेहाथ दबोच लिया. एसटीएफ ने उसकी निशानदेही पर सेंटर के बाहर मौजूद विनय को भी हिरासत में ले लिया. एसटीएफ ने बिठूर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर दोनों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया.

शामिल हैं कई गैंग
पूछताछ में सॉल्वर कौशल किशोर ने बताया कि शैलेश ने तीन से पांच लाख में परीक्षा पास कराने का ठेका लिया था. सॉल्वर को 50 हजार से एक लाख रुपये दिए गए थे. शैलेश ने 12 से 15 परीक्षार्थियों को पास कराने का ठेका लिया था. यह भी खुलासा हुआ है कि परीक्षा में कई सॉल्वर गैंग सक्रिय हैं. इसमें ज्यादातर गैंग यूपी और बिहार के हैं. अब एसटीएफ उन गैंग तक पहुंचने की रणनीति बना रही है.