
अब नहीं लगा पाएंगे सीए का जाली सर्टिफिकेट
कानपुर। बैंकों व दूसरे फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस में सीए के फर्जी सर्टिफिकेट लगाने का काम अब खत्म हो जाएगा. कारण है कि हर डॉक्यूमेंट के साथ उस सीए का एक यूनीक आईडी नंबर होगा. आईसीएआई की प्रोफेशनल डेवलपमेंट कमेटी यूनिक डॉक्यूमेंट आईडेंटिफिकेशन नंबर की सुविधा जनवरी 2019 से लागू कर देगी. काउसिंल के मेंबर सीए मनु अग्रवाल ने बताया कि सीए की हर सर्टिफाइड या अटैज्ड कापी के साथ यह नंबर होगा. शक होने पर इस नंबर के जरिए साइट पर जाकर इस यूनिक नंबर के जरिए कंफर्म किया जा सकेगा कि कॉपी को उसी सीए ने सर्टिफाइड किया है या नहीं.
16 डिजिट का होगा यूनिक आईडी नंबर
यह यूनिक आईडी नंबर 16 डिजिट का है. इसमें पहले छह डिजिट मेंबरशिप नंबर के दूसरे छह डिजिट डेट के और आखिरी चार डिजिट डॉक्यूमेंट सीरियल नंबर के होंगे. उन्होंने बताया कि आयकर विभाग हो या फिर बैंक कई जगहों से फर्जी सीए सर्टिफिकेशन की शिकायतें लगातार मिल रही थी. इसके बाद यह सुविधा शुरू की जा रही है.
यहां दी जानकारी
आईसीएआई की सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल के पूर्व चेयरमैन सीए दीप कुमार मिश्रा ने सीए इंस्टीटयूट सिविल लाइंस में आयोजित प्रेस कांफ्रेस में बताया कि जल्द ही द इंस्टीटयूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की कानपुर ब्रांच में लाइव वर्चुअल क्लासेस की सुविधा मिलेगी. इसके लिए स्टूडेंट्स से कोई अलग से फीस नहीं होगी. काउंसिल के लखनपुर स्थित सेंटर में यह क्लासेस शुरू होंगी. इसके जरिए दिल्ली व मुंबई के बड़े चार्टर्ड एकाउंटेंट्स भी स्टूडेंट्स को क्लॉस दे सकेंगे.
2019 से लागू होगी सुविधा
यहां एक बार फिर से बताते चलें कि आईसीएआई की प्रोफेशनल डेवलपमेंट कमेटी यूनिक डॉक्यूमेंट आईडेंटिफिकेशन नंबर की सुविधा जनवरी 2019 से लागू कर देगी. काउसिंल के मेंबर सीए मनु अग्रवाल ने बताया कि सीए की हर सर्टिफाइड या अटैज्ड कापी के साथ यह नंबर होगा. शक होने पर इस नंबर के जरिए साइट पर जाकर इस यूनिक नंबर के जरिए कंफर्म किया जा सकेगा कि कॉपी को उसी सीए ने सर्टिफाइड किया है या नहीं.
Published on:
13 Jul 2018 01:13 pm
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