
अटल जी के वारिश ने निभाया फर्ज, सिर मुंडवा किया तेरहंवी संस्कार
कानपुर। भारत रत्न व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद पूरा देश रो पड़ा। उनके दास संस्कार में खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने मंत्रिमंडल के साथ शव यात्रा में पैदल चले तो उनकी अस्थियों की देश की सभी नदियों में प्रवाहित किया गया। अटल जी के नाम से चौराहे, सरकारी धरोहरों के नाम रखे जा रहे हैं तो उनके चाहने वाले आज भी याद कर रो पड़ते हैं। अटल जी का कानपुर से गहरा नाता रहा। यहीं से पढ़-लिखकर वो आरएसएस से जुड़े। इसी के कारण कनपुरिए उन्हें अपना आदर्श मानते हुए कई तरह के कार्यक्रम के जरिए उन्हें श्रृदांजलि दे रहे हैं। बुधवार को फूलबाग स्थित पंडित दीनदयाल स्मृति वाटिका में छोटे अटल के नाम से पहचाने जाने वाले देवी प्रसाद गुप्ता ने आधा दर्जन लोगों के साथ सिर मुंडवा कर अटल जी का विधि-विधान से तेरहंवी संस्कार किया। इस मौके पर बीजेपी नेताओं को नहीं बुलाया गया। अटल जी व आरएसएस से जुड़े कार्यकर्ताओं के अलावा मुस्लिम समाज की महिलाओं ने भी पहुंच कर अटल जी के नाम पर हवन कर उन्हें सच्ची श्रृदांजलि दी।
सादगी के साथ दी गई श्रृदांजलि
भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का लंबी बीमारी के बाद दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। एक महान नेता, कवि, पत्रकार के इस दुनिया से चले जाने की खबर से पूरा भारत रो पड़ा। बुधवार को अटल जी के प्रसंसकों ने फूलबाग स्थित पंडित दीनदयाल स्मृति वाटिका में तरहंवी संस्कार किया। इस मौके पर छोटे अटल ( देवी प्रसाद गुप्ता ) ने कुछ साथियों के साथ पहले सिर मुंड़वाया और फिर मंत्रोंउच्चारण के बाद विधि-विधान से तेरहंवी संस्कार किया। इसके बाद तेरह ब्राहमणों को भोज कराया गया। आयोजकों ने इस मौके पर कहा कि यह पब्लिसिटी स्टण्ट नहीं, बल्कि अपने नेता के प्रति लगाव है। अटल जी हमारे पिता की तरह थे और उन्हीं के चलते बीजपी देश की सबसे बड़ी पार्टी बनी है।
नेताओं को नहीं दिया आमंत्रण
तेरहंवी संस्कार करने वाले छोटे अटल ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल जी मेरे पिता, दाद हैं और इसी के चलते हमनें उनकी तेरहंवी संस्कार किया। छोटे अटल ने कहा कि हमने बीजेपी के किसी भी नेता को नहीं बुलाया और शांतिपूर्वक तरीके से अपने नेता को श्रृदांजलि दी है। छोटे अटल ने कहा कि वो पितृपक्ष में गया जी जाकर अटल जी के नाम का तर्पण करेंगे। साथ ही पूरा जीवन अटल जी के नाम कर उनके बताए रास्ते पर चलेंगे। अटल जी ने देश के गरीबों, दलितों और पिछड़ों के साथ देश को विकास के पथ पर ले जाने का कार्य किया है। अटल जी ने मां भरतीय के नाम अपनी पूरी जिंदगी कर दी। ऐसे नेता सैकड़ों सालों के बाद ही अवतार लेले हैं।
पितृपक्ष में करूंगा तपर्ण
देवी प्रसाद गुप्ता उर्फ़ छोटे अटल ने बताया की हम लोगो ने अटल जी की तेरही मनाई है हम लोग अटल जी को अपना पिता मानते थे इस लिए हम लोगो ने उनकी तेहरवी के दिन बाकायदा अपना सर मुंडवाया कर पुरे विधिविधान के साथ पूजन कर श्रद्धांजलि दी है। पूजन के दौरान वैदिक मंत्र उच्चारण किया गया जिससे अटल जी की आत्मा को शांति मिल सके इन लोगों ने कहा कि अगर ये पब्लिसिटी स्टण्ट होता तो यह तेरहवीं संस्कार सादगी की बजाय बड़े नेताओं और प्रचार प्रसार के बीच कराया जाता।
कानपुर का नाम अटल रखे सरकार
इस मौके पर अटल जी के प्रसंसकों ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री का दिल से रिश्ता इस शहर से रहा है। इसलिए हम मोदी व योगी सरकार से मांग करते हैं कि कानपुर का नाम बदल कर अटल बिहारी वाजेपयी करा जाए। देवी प्रसाद गुप्ता ने कहा कि वो जल्द ही इस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखेंगे और कानपुर का नाम अटल जी के नाम से किए जाने की मांग करेंगे। हम बीजेपी के नेताओं से अपील करते हैं कि वो पीएम व सीएम तक हमारी आवाज पहुंचाएं। देवी प्रसाद कहते हैं कि जहां-जहां अटल जी रहे हैं, वहां-वहां के मोहल्लों के नाम मेयर प्रमिला पांडेय को उनके नाम पर रखना चाहिए। इससे आने वाला भविष्स अटल जी को भूलने के बजाए याद रखे।
मुस्लिम महिलाओं ने दी श्रृदांजलि
अटल जी की तेरहंवी संस्कार के अवसर पर मुस्लिम महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। विधि-विधान से हवन-पूजन के साथ उनकी आत्मां की शांति के लिए दुआ मांगी। रूखसाना कहती हैं कि अटल जी गंगा, यमुनी तहजीब के महानायक थे और उन्होंने कभी भी जाति-धर्म की राजनीति नहीं की। कुर्सी के बजाए उन्होंने आपसी भाईचारे को बनाए रखनें पर जोर दिया। ऊपरवाले से हम दुआ करती हैं कि देश को ऐसे कई अटल जी की आवश्यकता है। सलमा कहती हैं कि कुछ हद तक देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अटल जी की तरह बिना भेदभाव के जनता की सेवा कर रहे हैं। हमें पूरा विश्वास है कि पीएम मोदी देश और मुस्लिम, गरीब और पिछड़ों को विकास के पथ पर लेकर जरूर जाएंगे।
Published on:
30 Aug 2018 08:01 am
