कानपुर के करौली बाबा से पुलिस ने मारपीट मामले में पूछताछ की। बाबा अपने और अपने आश्रम पर लगे सभी आरोपो से इंकार करता रहा।
कानपुर में करौली बाबा के आश्रम में डॉक्टर से मारपीट मामले में पुलिस बुधवार रात आश्रम पहुंची। करीब दो घंटे तक तलाशी ली गई। संतोष सिंह भदौरिया उर्फ करौली बाबा से 30 मिनट तक पूछताछ हुई। सादे कागज में उसके बयान भी दर्ज किए। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक बाबा से पुलिस ने आधे घंटे के अंदर पांच सवाल पूछे।
1. सवालः 22 फरवरी को डॉ. सिद्धार्थ चौधरी आए थे तो क्या हुआ था?
जवाबः मैं तो आश्रम में अपने केबिन में बैठा था, बातचीत करने के दौरान उन्होंने चमत्कार दिखाने को कहा तो मैंने मना कर दिया कि यहां कोई चमत्कार नहीं दिखाया जाता है। इसके बाद वह मुझे धन्यवाद बोलकर चले गए थे।
2. सवालः आश्रम में मारपीट क्यों हुई थी?
जवाबः मुझे मारपीट के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। यहां तो अनटच तरीके से बीमारियों का इलाज किया जाता है।
3. सवालः आप एक वीडियो में डॉक्टर सिद्धार्थ को साले पागल को हटाओ यहां से कहते दिख रहे हैं? इसके बाद आपके सेवादारों ने डॉक्टर पर हमला कर दिया।
जवाबः अगर मेरे ऊपर कोई हमला करने या अपशब्द कहने का प्रयास करता है, तो यहां के सेवादार उसे बाहर निकाल देते हैं। डॉक्टर के साथ भी यही हुआ होगा।
4. सवालः इस पूरे मामले को लेकर आपका क्या कहना है?
जवाबः मैंने डॉक्टर से कोई मारपीट नहीं की है। पुलिस ने बगैर जांच-पड़ताल किए मेरे नाम FIR दर्ज कर दी है। किसी भी वीडियो फुटेज में मैं डॉ. सिद्धार्थ के साथ मारपीट, अभद्रता या धक्का-मुक्की करते नहीं दिखा हूं।
5. सवालः डॉ. सिद्धार्थ से आप किसी तरह से पूर्व परिचित हैं?
जवाबः नहीं… मैं डॉ. सिद्धार्थ और उनके परिवार को किसी भी तरह से नहीं जानता हूं।
बाबा पुलिस के सारे आरोपों से इनकार करता रहा। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां के सेवादारों के बयान भी दर्ज किए। पुलिस ने करीब दो घंटे तक CCTV फुटेज चेक किए, लेकिन घटना का कोई फुटेज नहीं मिला। नोएडा के डॉ. सिद्धार्थ चौधरी के साथ 22 फरवरी को करौली बाबा के लवकुश आश्रम में बाबा के गुर्गों ने मारपीट कर उनकी नाक तोड़ दी थी।
आश्रम में लगे 250 सीसीटीवी, 15 दिन का बैकअप
मामले की जांच कर रहे बिधनू थाने के दरोगा अरविंद सिंह ने आश्रम के सीसीटीवी कंट्रोल रूम की जांच की और वारदात वाले दिन का सीसीटीवी फुटेज मांगा। कंट्रोल रूम प्रभारी ने कहा कि उनके पास महज 15 दिन का बैकअप रहता है। एक महीने पुरानी घटना होने के चलते वह सीसीटीवी उपलब्ध कराने में असमर्थ हैं। अब पुलिस सीसीटीवी कैमरे का डेटा रिकवर कराने का प्रयास करेगी। इसके साथ ही मामले में पीडित डॉक्टर को भी कानपुर बुलाएगी।
बाबा ने परिवार को आश्रम से हटाया
FIR दर्ज होने के बाद बुधवार शाम को बाबा ने अपने परिवार के सभी सदस्यों को आश्रम से हटाकर दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया है। गांव के लोगों ने बताया कि बाबा का परिवार वैसे तो आश्रम के अंदर से ही गाड़ी से बाहर निकलता था, लेकिन बुधवार रात बाबा के परिवार के सदस्य आश्रम से पैदल आए। इसके बाद अपनी गाड़ी में बैठकर रवाना हुए।
पुलिस सूत्रों के अनुसार करौली आश्रम में मारपीट का मामला सामने आने के बाद लोकल इंटेलिजेंस यूनिट यानी LIU भी अपने स्तर से जांच कर रही है। LIU के कई अफसर सिविल ड्रेस में भक्तों की तरह आश्रम पहुंचे और पूछताछ कर रहे हैं। LIU से भी पुलिस कमिश्नर और शासन ने पूरे मामले को लेकर अपनी रिपोर्ट मांगी है।