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UP Schools: आर्थिक कमजोर बच्चों को एडमिशन नहीं दिया तो प्राइवेट स्कूलों पर गिरेगी गाज

RTE Education: एक दर्जन से ज्यादा स्कूल जानबूझकर कर आरटीई के छात्रों को प्रवेश नहीं दे रहे हैं। गरीब बच्चों को इधर-उधर भटकाया जा रहा। डीएम ने मामले को संज्ञान में लेकर अब कार्रवाई के निर्देश दिए।

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Public schools not take admission of poor Students in Kanpur

Public schools not take admission of poor Students in Kanpur

जिले के एक दर्जन से ज्यादा स्कूल आईटीई में आवंटित होने के बावजूद प्रवेश नहीं ले रहे हैं। डीएम ने मजिस्ट्रेटों को भेजकर जांच कराई तो कलई खुल गई। दो दिन में स्कूल प्रबंधन को प्रवेश लेने की चेतावनी दी है। अगर प्रवेश न लिया गया तो स्कूलों पर कार्रवाई होगी।

जिलाधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आरटीई के अंतर्गत लाटरी के जरिए गरीब बच्चों के प्रवेश को लेकर समीक्षा बैठक हुई। लगातार शिकायतों को देखकर डीएम ने तत्काल एसीएम पंचम जंग बहादुर और एसीएम पष्ठम वान्या सिंह समेत अन्य मजिस्ट्रेट को भेजकर जांच कराई। वीरेंद्र स्वरूप सिविल लाइंस ने 40 में से 12, वीरेंद्र स्वरूप शारदा नगर ने 15 में से 09 , डॉ. वीरेंद्र स्वरूप पब्लिक स्कूल में 20 में से 08, श्रीराम एजुकेशन सेंटर ने 14 में से 04, महाराणा प्रताप एजूकेशन सेंटर ने 18 में से 09 और एलेन हाउस पनकी ने 10 में से 02 प्रवेश लिए हैं। इसी तरह से अन्य मजिस्ट्रेट की जांच में भी प्रवेश न के बराबर हुए मिले। सभी को दो दिन का समय दिया गया है। पब्लिक स्कूल बच्चे व उनके अभिभावकों को टरका रहे थे।

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एबीएसए को फटकार, कराएं प्रवेश

डीएम ने सभी एबीएसए को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि प्रत्येक स्थिति में जिन स्कूलों में लॉटरी के माध्यम से जिन बच्चों के नाम आए है, उन सभी का प्रवेश कराया जाए। डीएम ने स्कूल में एडमिशन न लेने वाले स्कूलों की साप्ताहिक मॉनिटरिंग करने के निर्देश अपर जिलाधिकारी भू अध्याप्ति सत्येंद्र कुमार को दिया।

पढ़ रहे बच्चों की सूची तलब

डीएम ने बीएसए को निर्देशित करते हुए कहा कि जिन स्कूलों में बच्चों के एडमिशन पूर्व वर्षो में हुए है, वे बच्चे स्कूल की मान्यता के आधार पर प्रारंभ की कक्षा से लेकर मान्यता तक बच्चे के स्कूल में पढ़ाने की जिम्मेदारी राइट टू एजुकेशन योजना के अंतर्गत है। ऐसे बच्चों की सूची बनाकर एक सप्ताह के अंदर प्रस्तुत करें कि कितने बच्चों का एडमिशन हुआ है और अब तक कितने बच्चे स्कूल में पढ़ रहे हैं ।

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