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यूक्रेन से घर वापसी पर परिवार में खुशी का माहौल है। आने में कितनी दिक्कत हुई कहां कहां जाना पड़ा। सब कष्टों को भूल अपने परिवार के बीच पहुंचा फरहान खुश है।।साथ ही अपने साथियों के लिए चिंतित हो रहा है। बातचीत के दौरान फरहान ने बताया कि वह यूक्रेन के टेरनोपिल नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। यह उसका पांचवा चाल है। रूस और यूक्रेन की लड़ाई के कारण अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ कर भागना पड़ा। इधर फरहान के घर वापस आने पर घर वालों ने भी राहत की सांस ली। उन्होंने बताया कि जब तक भारत में पहुंचा तब तक घर में चिंता थी। उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार को फरहान को सुरक्षित लाने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने बताया कि सरकार ने उनकी खुशियां वापस कर दी।
फरहान निवासी हरदलमऊ संडीला हरदोई ने बताया कि वह यूक्रेन से रोमानिया बॉर्डर तक अपने खर्च पर आया था। रोमानिया बॉर्डर से दिल्ली एयरपोर्ट और फिर घर तक आने की व्यवस्था सरकार द्वारा की गई थी। फरहान ने बताया कि वह 1 मार्च को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा था। जहां से उसे यूपी भवन ले जाया गया। दिल्ली में मिलने के लिए हेल्थ मिनिस्टर आए थे और उनका हालचाल लिया।
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बातचीत के दौरान फरहान के पिता शमी अहमद सिद्दीकी ने बताया कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने फरहान के आने का खर्च उठाया है। जिससे उन्हें काफी राहत मिली है। रोमानिया से भारत तक का खर्च केंद्र सरकार ने उठाया है। वहीं दिल्ली से फरहान के गांव तक का खर्च राज्य सरकार ने वाहन किया है। परिजन ने फरहान के घर पहुंचने पर मुंह मीठा कराया।
Published on:
03 Mar 2022 09:26 pm
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