
ऑपरेशन ब्लू केमिकल: सौ साल तक नोटों पर रहेंगे रिश्वतखोरों के अंगुलियों के निशान, रंगे हाथ पकड़े जाने पर नहीं मिलेगी जमानत
कानपुर. पांच साल पहले कानपुर के कल्याणपुर इलाके में बतौर गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी शंखदान रैली करने के लिए आए थे। उस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार कर कहा था कि न खाऊंगा और न ही खाने दूंगा। यह शब्द कानपुर के गुमटी निवासी सरबजीत के दिल में चुभ गए और उन्होंने उसी वक्त तय कर लिया कि सरकारी सिस्टम में बैठे करप्ट अफसर और बाबुओं को नई तकनीकि के जरिए सजा दिलाने की ठान ली। सबरजीत ने अपने पिता के साथ मिलकर ऑपरेशन ब्लू नामक एक केमिकल तैयार किया है, जो रिश्वखोरों के लिए बाण की तरह काम करेगा। सबरजीत ने बताया कि जब भी पुलिस या अन्य सुरक्षा एजेंसियां किसी को रिश्वतलेते हुए रंगे हाथ पकड़ती हैं तो आरोपी वकीलों के दांव पेंच के जरिए जमानत कराकर जेल से बाहर आ जाता है और तारीख पे तारीख के चलते मामला कई सालों तक कोर्ट में चलता रहता है। जब बहस का वक्त आता है तो पुलिस के पास सबूत नहीं होने के चलते आरोपी कोर्ट से बरी हो जाता है। पर ऑपरेशन ब्लू के जरिए धरे गए रिश्वतखोरों के अंगुलियों के निशान सौ साल तक ज्यों के त्यों बने रहेंगे।
इसके चलते बनाया ऑपरेशन ब्लू
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र न खाऊंगा और न खाने दूंगा की प्रेरणा लेकर जौहर, ब्राइब कैमिस्ट्री पर रिसर्च करने वाले सबरजीत ने करप्ट सरकारी बाबुओं को गिरफ्तार होने के बाद कोर्ट से सजा मिले उसके लिए एक खास तरह के केमिकल का आविष्कार किया है। जिसका नाम ऑपरेशन ब्लू दिया गया है। सबरजीत कहते हैं कि भ्रष्टाचार के 95 फीसदी मामलों में आरोपी सबूतों के अभाव में बरी हो जाता है। सबरजीत इसी बात से आहत होकर अपने पिता के साथ मिलकर रिश्वत रसायन यानी ब्राइब केमिस्ट्री पर खोज की। .सरबजीत ने अपनी इस खोज को नाम ’ऑपरेशन ब्लू’ रखा। सबरजीज के मुताबिक इसमें भ्रष्टाचारियों को रंगे हाथ पकड़ने में इस्तेमाल होने वाला रसायन ब्रोमो क्रिसोल ग्रीन यानी बीसीजी है,.और ये विधि तकनीकि के जरिए इसे इजाद किया है, जो बेहद आसान भी है। सबरजीत ने बताया कि इस रिसर्च को एंटी करप्शन ब्यूरों ने परखा है और आने वाले दिनों में अगर सब ठीक रहा तो जांच ऐजेंसियां इसे इस्तेमाल कर सकती हैं।
सौ साल पुरानी तकनीकि का हो रहा इस्तेमाल
सरबजीत ने बताया कि रिश्वतखोरों के खिलाफ इस्तेमाल किया जाने वाला ये रसायन ’ब्रोमो क्रिसोल ग्रीन’ भले ही भूरे रंग का हो लेकिन अगर इसे करेंसी पर लगा दें तो ये दिखता नहीं है और इसे लेने वाले के हाथ को अगर पानी लगा दिया जाए तो पानी और हाथ दोनों नीले पड़ जाएंगे । सरबजीत के मुताबिक इसकी पकड़ में आने वाला व्यक्ति कानून के जाल में ऐसा फंसेगा कि सुप्रीम कोर्ट तक से उसे छूट जाने की संभावना न के बराबर रहेगी । इस रसायन के चलते जो नीला रंग हा थ या कपड़ों में लगेगा वो सालों साल सबूत के तौर पर बना रहेगा। इस वक्त दुनियाभर में भ्रष्टाचारियों को रंगे हाथों पकड़ेने की एक ही विधि है..जिसका नाम फिनॉप्थैलीन है..जिसकी खोज हुए हुए 100 साल से अधिक हो गए हैं । इसमें पकड़ा जाने वाले आरोपी के हाथ लाल या गुलाबी हो जाते हैं.,जोकि कुछ ही समय में मिट जाता है और आरोपी सबूत के अभाव में छूट जाता है।
भ्रष्टाचार के मामले में हम आगे
सबरजीत बताते हैं कि ट्रांसपेरेसी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक 117 देशों में भ्रष्टाचार के मामले में भारत का स्थान 76वां है। ऐसे में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए बीसीजी की ये पद्धति आने वाले समय में काफी कारगर साबित हो सकती है । देश में इस नई खोज से भ्रष्टाचार से लगाम लगे..इसीलिए सरबजीत और जीएस जौहर ने इसे पेटेंट कराने से मना कर दिया है। ब्राइब केमिस्ट्री तकनीक को लेकर इसके खोजकर्ताओं ने दावा किया है कि इसके जाल में फंसने के बाद भ्रष्टाचारियों के बचने के रास्ते एकदम बंद हो जाएंगे और ये पुरानी हो चुकी विधि से ज्यादा कारगर भी साबित होगी। सबरजीत ने बताया कि ब्राइब केमेस्ट्री की रिसर्च ’इंडियन जरनल अष्फ फष्रेंसिक मेडिसिन एंड टष्क्सीलष्जी’ में छपने के बाद बेहद चर्चा आई। दृअमेरिका ने भी भ्रश्टारियों के हाथ ’लाल’ के बाद अब ’नीले’ करने की इस प्रक्रिया को संज्ञान में लिया है और इसे खूब सराहा है।
कोर्ट पुरानी तकनीकि को बता चुका है जर्जर
सबरजीत ने बताया कि 29 जनवरी 2015 को सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस वी गोपाल गौड़ा और भानुमति की बेंच ने तिरुवंतपुरम के एक मामले में साफ कहा था कि ’’किसी भी व्यक्ति को अगर घूस लेते पकड़ा गया है..तो जांच में उसके हाथ रंगे होने चाहिए..अन्यथा उसे घूस लेने का आरोपी नहीं माना जाएगा। कोर्ट ने ये भी टिप्पणी की थी कि भ्रष्टाचारियों को पकड़ने और दंडित कराने की फिनॉप्थैलीन विधि बिल्कुल जर्जर हो चुकी है। इसी फैसले के बाद सरबजीत जौहर और उनके पिता ने इस नए ब्राइब कैमेस्ट्री पर शोध किया और देश-विदेश के विशेषज्ञों के परामर्श के बाद रिश्वखारों को सजा दिलाने के लिए ऑपरेशन ब्लू नामक एक केमिकल तैयार किया। सबरजीत कोयकीन है कि इस विधि से आने वाले समय में देश में भ्रष्टाचार पर यकीनन लगाम लगाई जा सकेगी..और भ्रष्टाचारी किसी भी गलत काम करने से पहले कई बार सोचने पर मजबूर होंगे।
Published on:
03 Jul 2018 08:37 am
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