
प्रशासन ने कसी कमर : 23 लेखपाल निलंबित, एक को किया बर्खास्त
कानपुर। एक तरफ लेखपाल अपनी हड़ताल खत्म करने को तैयार नहीं हैं. वहीं प्रशासन ने भी अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. इस क्रम में गुरुवार को 23 लेखपाल निलंबित गए हैं, जबकि एक लेखपाल को बर्खास्त कर दिया गया है. पिछले बुधवार को भी तीन लेखपालों को को बर्खास्त किया गया था.
इन्हें किया गया बर्खास्त
एसडीएम सदर संजय कुमार ने परिवीक्षा अवधि में कार्यरत लेखपाल प्रतीक को बर्खास्त कर दिया. वहीं यहां परिवीक्षा अवधि में कार्यरत 13 लेखपाल काम पर वापस आ गए. बुधवार को एसडीएम ने तीन लेखपालों को निलंबित किया था. एसडीएम बिल्हौर विनीत सिंह ने लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष ज्ञानप्रकाश शुक्ला, तहसील मंत्री आनंद शंकर पांडेय, तहसील मीडिया प्रभारी नरेन्द्र कुमार तिवारी एवं जिला उपाध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार को निलंबित कर दिया।
दी गई अंतिम चेतावनी
वहीं परिवीक्षा अवधि में कार्यरत लेखपालों को अंतिम चेतावनी दी गई है. यदि वे शुक्रवार शाम तक काम पर नहीं लौटेंगे तो उन्हें बर्खास्त किया जाएगा. घाटमपुर की एसडीएम मीनू राणा ने लेखपाल संघ के जिला मंत्री प्रेमशंकर त्रिपाठी, तहसील अध्यक्ष रामकुमार श्रीवास्तव व मंत्री नवनीत कुमार मिश्र को निलंबित कर दिया.
जारी किया गया नोटिस
परिवीक्षा अवधि में कार्यरत सभी 38 लेखपालों को बर्खास्तगी का अंतिम नोटिस जारी किया गया है. उन्हें हर हाल में शुक्रवार शाम चार बजे तक काम पर वापस आना है. एसडीएम नर्वल ने 10 लेखपालों को निलंबित कर दिया. 37 अन्य लेखपालों को आरोप पत्र जारी किया. तहसीलदार नर्वल प्रमोद झा ने बताया कि लेखपाल संघ के अध्यक्ष राजीव अवस्थी व मंत्री मोहित सचान, धर्मेंद्र सिंह, विजय मल्होत्रा, अतुल वर्मा, राजेश राणा, सतीश कुमार, पवन प्रकाश, कमलेश पांडेय, शैलेंद्र द्विवेदी को निलंबित किया गया है. इतना ही नहीं, परिवीक्षा अवधि में कार्यरत 25 लेखपालों को बर्खास्तगी का नोटिस व 35 अन्य लेखपालों को आरोप पत्र जारी किया गया है.
Published on:
13 Jul 2018 01:37 pm
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