
कानपुर। भाजपा के मुरली मनोहर जोशी से चुनाव हारने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल सिर्फ कानपुर-दिल्ली तक अपने आपको सीमित रखा। विधानसभा और निकाय चुनाव में इनकी झलख कम देखने को मिली। इसी के चलते एक खेमा 2019 लोकसभा चुनाव लड़ने की दावेदारी पार्टी हाईकान तक पहुंचा दी। वहां से उन्हें लगभग’लगभग टिकट भी पक्का हो गया। इसकी भनक जैसे ही पूर्व मंत्री श्रीप्रकाश जासवाल को लगी तो उन्होंने चुनाव लड़ने के लिए ताल ठोक विरोधी खेमे के अंदर खलबली बचा दी। पूर्व मंत्री ने कहा कि अभी मैं अतना बुजुर्ग नहीं हुआ कि मुझे बैसाखी की जरूरत पड़े। मेरे साथ कांग्रेस का हाथ और कार्यकर्ताओं की फौज है, जिसके चलते मुझे आज भी पहले की तरफ लोगों की सेवा करने का जज्बा देती है। अभी तो मैं 74 अरस का हूं और अगले बरस साल तक मैं जनता की सेवा करूंगा। पूर्व मंत्री की दाहड़ के दावेदार बैकफुट में नजर आए।
आलोक मिश्रा प्रबल दावेदार
कानपुर में पिछले चालीस साल से कांग्रेस की कमान संभालने वाले श्रीप्रकाश जायसवाल 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दन के दूसरे खेमें के अंदर खलबली मचा दी है। तीन बार तीन बार महानगर लोकसभा सीट से सांसद और दो बार केंद्रीय मंत्री रहे, श्रीप्रकाश 26 मार्च 2018 में 74 वर्ष के हो गए हैं। कांग्रेस कमेटी ने वैसे अभी तक प्रत्याशियों की उम्र को लेकर कोई नियम नहीं बनाया है, फिर भी पार्टी के बीच यह बात मानी जा रही है कि श्रीप्रकाश की जगह कोई और लोकसभा चुनाव लड़ेगा। पार्टी के अंदर से कानपुर मेयर प्रत्याशी बंदना मिश्रा के पति आलोक मिश्रा, पूर्व विधायक अजय कपूर सहित कई नेताओं ने हाईकमान के पास 2019 लोकसभा के लिए दावेदारी की दी है। पार्टी सूत्रों की मानें तो यदि भाजपा ने गैर ब्राम्हण चेहरे को टिकट दिया तो आलोक मिश्रा पंजा का सिंबल पा सकते हैं। इसी के चलते निकाय चुनाव हारने के बाद भी वह कानपुर की सियासत में बनाए रखने के लिए शहरभर को पोस्टर-बैनरों से पाट दिया है।
आलोक के साथ खड़े हो सकते हैं श्रीप्रकाश
2014 में लोकसभा चुनाव हारने के बाद से ही कांग्रेसियों और समर्थकों में यह बात चलने लगी थी कि श्रीप्रकाश की जगह कौन लेगा। इसमें दो नाम उभरकर आ रहे हैं। पहला, तीन बार के विधायक रहे अजय कपूर और पार्टी के वरिष्ठ नेता आलोक मिश्रा। ये दोनों भी अपनी-अपनी तैयारी में जुटे हैं। दोनों की तैयारी की अपनी-अपनी वजहें भी हैं। वहीं अजय कपूर का कहना है कि कोई भी आए, वे इस बार लोकसभा चुनाव के लिए पूरी दमखम से तैयारी कर रहे हैं। वहीं कांग्रेसी नेता आलोक मिश्रा तो पूर्व पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शद के बेदह करीबी मानें जाते हैं। जानकारों का मानना है कि यदि अजय कपूर को पार्टी टिकट देती है तो खुद पूर्व मंत्री श्रीप्रकाश ब्राम्हण वोटबैंक बता आलोक मिश्रा के नाम की पैरवी कर सकते हैं। निकाय चुनाव में भाजपा की प्रमिला पांडेय को काटें की टक्कर आलोक मिश्रा की पत्नी ने दी थी। लोकसभा 2014 के मुकाबले कांग्रेस निकाय में ज्यादा वोट पाई थी।
तो अखिलेश इनके नाम का कर सकते हैं समर्थन
दिल्ली और लखनऊ में सपा, बसपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर चर्चा जोरों पर चल रही है। यदि तीनों दल एक साथ आए तो कानपुर नगर सीट कांग्रेस, देहात बसपा और मिश्रित सीट सपा के खाते में जा सकती है। ऐसे में कहा जा रहा है कि यदि कांग्रेस को कानपुर सीट मिलती है तो उसमें प्रत्याशी के रूप में अजय कपूर को तवज्जो मिल सकती है। इसकी वजह यह बताई जा रही है कि अजय कपूर को सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का भी सहयोग मिल सकता है। यदि गठबंधन नहीं हुआ और उम्रदराज होने की वजह से श्रीप्रकाश को भी टिकट नहीं मिलता है तो ऐसी स्थिति में कहा जा रहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अपनी जगह आलोक मिश्रा का समर्थन कर सकते हैं। जानकारों की मानें तो खुद राहुल गांधी 2019 के चुनाव में इस बार उम्रदराज नेताओं के बजाए युवाओं को ज्यादा संख्या में टिकट देने के पक्ष में बताए जा रहे हैं। राहुल गांधी के बुलावे पर अजय कपूर दिल्ली जा चुके हैं और इसी के चलते पूर्व विधायक चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं।
कौन कहता है कि श्रीप्रकाश बुड्डा है
वहीं तिलक हॉल में श्रीप्रकाश जायसवाल ने अपने समर्थकों के बीच इस बात का खुलासा किया कि वे आगामी लोकसभा चुनाव के लिए तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह घर से रोजाना चुनावी तैयारी के लिए ही निकलते हैं। दिन भर लोगों से मिलना, उनकी समस्याएं सुनना, यह काम लगातार कर रहे हैं। उनकी उम्र को लेकर जब उनसे सवाल किया गया तो बोले वे पूरी तरह फिट हैं। श्रीप्रकाश जायसवाल ने सुबह के वक्त अनने घर से निकल जाते हैं और प्रतिदिन मोहल्लों में लोगों की बीच जाकर उनकी समस्याएं चुनते हैं। श्रीप्रकाश जायसवाल ने बताया कि वह जनप्रतिनिधि नहीं होने पर भी मैं अन्य जनप्रतिनिधियों से ज्यादा जनता की सेवा करता हूं। जिसे देखना होतो मेरे साथ सुबह निकले।
Published on:
28 Apr 2018 01:43 pm
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