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सुप्रीम कोर्ट ने तलब किया शहर में पीडब्यूडी की दस सड़कों पर दुर्घटनाओं का पूरा ब्योरा

सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी ने प्रदेश में सड़कों पर गड्ढों से दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी पर नाराजगी जताई है. शहर में पीडब्‍ल्‍यूडी की दस सड़कों पर गड्ढों से दुर्घटनाओं और मौतों की जानकारी मांगी है.

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Kanpur

सुप्रीम कोर्ट ने तलब किया शहर में पीडब्यूडी की दस सड़कों पर दुर्घटनाओं का पूरा ब्योरा

कानपुर। सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी ने प्रदेश में सड़कों पर गड्ढों से दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी पर नाराजगी जताई है. शहर में पीडब्‍ल्‍यूडी की दस सड़कों पर गड्ढों से दुर्घटनाओं और मौतों की जानकारी मांगी है. पीडब्‍ल्‍यूडी ने एसपी ट्रैफिक को पत्र भेजकर दुर्घटनाओं का ब्‍योरा मांगा है. इसकी एक कॉपी जिलाधिकारी दफ्तर को भी भेजी गई है.

ऐसी मिली है जानकारी
अधिशाषी अभियंता प्रांतीय खंड लोकनिर्माण विभाग ने इस बारे में कहा है कि सड़कों पर गड्ढों (पॉट होल्‍स) से बढ़ती दुर्घटनाओं में मौतों की संख्‍या पर सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी ने असंतोष जताया है. पिछले पांच साल में शहर की दस सड़कों पर गड्ढों से हुई दुर्घटनाओं का ब्‍योरा उपलब्‍ध कराया जाए.

इस तरह से ले सकते हैं मुआवजा
सड़कों पर गड्ढों से दुर्घटनाओं में घायल होने या मौत पर मुआवजा भी लिया जा सकता है. बार एसोसिएशन के पूर्व अध्‍यक्ष सुरेश सिंह चौहान इस बारे में बताते हैं कि दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 133 में इसका प्रावधान है. लोगों को असुविधा (नूसंस) में कहा गया है कि अगर सांस लेने, आवागमन में दिक्‍कत और कोई शारीरिक बाधा होती है तो काई भी व्‍यक्‍ति या संस्‍था एसडीएम या एसीएम के यहां वाद दाखिल कर सकता है. धारा 268 में जनसाधारण की दिक्‍कत के लिए छह माह की सजा और जुर्माने का प्रावधान है. अधिवक्‍ता शिवाकांत दीक्षित का इस बारे में कहना है कि इस मामले में सिविल कोर्ट और उपभोक्‍ता फोरम में मुआवजे के लिए मुकदमा दायर किया जा सकता है.

रोक लगाने की है एक कोशिश
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित कमेटी देशभर में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में काम कर रही है. सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी ने देश के सभी शहरों की सड़कों के ब्‍लैक स्‍पॉट (दुर्घटना बाहुल्‍य केंद्र) की जानकारी मांगी है. इसकेअंतर्गत किस रोड पर कितनी दुर्घटनाएं हुईं, इनकी वजह क्‍या रही, सड़क निर्माण की स्‍थिति क्‍या है, आदि की जानकारी जुटाई जा रही है. इनके आधार पर ब्‍लैक स्‍पॉट को खत्‍म कराने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उचित कार्रवाई की जाएगी.