
प्राथमिक और जूनियर स्कूलों के विलय के बाद छंटनी की तैयारी, नए साल में जाएगी नौकरी
कानपुर। छात्र संख्या के नए मानक के बाद हुए प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विलय ने हजारों रसोइयों की नौकरी संकट में डाल दी है। नई नीति के चलते नए साल में हजारों रसोइयों की नौकरी छिन सकती है। अब नए मानक के अनुसार रसोइयों की तैनाती की जाएगी, जिसमें रसोइयों की संख्या कम हो जाएगी। कानपुर मंडल के १३ हजार रसोइयों में ४००० अकेले जिला कानपुर में ही हैं। १३ हजार में तीन हजार से अधिक रसोइयों की छंटनी संभव है। बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण मणि त्रिपाठी ने बताया कि नियमों के अनुसार ही रसोइयों के नवीनीकरण होंगे।
मर्जर के पहले अलग-अलग थे रसोइए
विलय के पहले प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में छात्र संख्या के आधार पर अलग-अलग रसोइए तैनात थे। मर्जर के बाद अधिक हो रहे रसोइयों का नवीनीकरण न करने और हटाने के आदेश किए गए हैं। विलय के बाद अब नए मानक के अनुसार रसोइयों को तैनाती दी जाएगी। विलय के बाद विद्यालय में 25 छात्रों पर एक, 26 से 100 पर दो, 101-200 छात्रों पर तीन, 201-300 पर चार, 301-1000 पर पांच, 1001-1500 पर छह और 1501 से अधिक पर सात रसोइयों का नियम लागू होगा।
लटका हुआ था नवीनीकरण
ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालयों में भोजन रसोइयों के माध्यम से तैयार कराया जाता है। रसोइयों का हर वर्ष नवीनीकरण कराया जाता है। सत्र 2019-20 में प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों का विलय होने के बाद रसोइयों के नवीनीकरण नहीं हो पा रहे थे। इस संदर्भ में शासन से दिशा निर्देश मांगा गया था।
इस आधार पर हटाया जाएगा
रसोइयों की नियुक्ति में उसी स्कूल में पढ़ रहे बच्चे के अभिभावक जैसे माता, दादी, बहन, चाची, ताई और बुआ आदि की नियुक्ति की जाती है। हटाने की स्थिति में इनके अतिरिक्त अन्य रसोइए को हटाया जाएगा। इसके बाद भी यदि कोई अतिरिक्त रसोइया है तो बाद में नियुक्त रसोइए को हटाया जाएगा। विधवा और परित्यकता की स्थिति में परित्यकता को हटाया जाएगा। पर यह भी कहा गया है कि यथासंभव इन्हें हटाया न जाए।
Published on:
12 Oct 2019 12:29 pm
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