
छापे में खुली वृद्धाश्रम की सच्चाई, काम करते मिले कर्मचारियों के रिश्तेदार
कानपुर। वृद्धाश्रम की दुर्दशा और कर्मचारियों की मनमर्जी की पोल उस वक्त खुल गई, जब उ.प्र. राज्य महिला आयोग की सदस्य प्रभा गुप्ता ने औचक निरीक्षण किया. किदवई नगर के ब्लॉक स्थित समाज कल्याण शिक्षोन्नयन संस्थान की ओर से संचालित वृद्धाश्रम में ढेरों कमियां पाई गई. निरीक्षण के दौरान उपस्थिति रजिस्टर में सभी 23 कर्मचारियों के सिग्नेचर थे, लेकिन मौके पर सिर्फ 11 कर्मी ही मौजूद मिले. पूछताछ में कई कर्मचारियों की जगह पर उनके रिश्तेदार या दूसरे लोग काम करते पाए गए, जबकि कार्य कर रहे किसी भी व्यक्ति का ब्यौरा वृद्धाश्रम में मौजूद नहीं था.
मिलीं ये खामियां
सदस्य प्रभा गुप्ता ने जब निरीक्षण किया तो उन्हें आश्रम में जगह-जगह पर गंदगी दिखी. इस पर उन्होंने गुस्सा जताते हुए सफाईकर्मियों को सफाई के निर्देश दिए. इसी के साथ उन्होंने बजट, खर्च व अन्य वित्तीय रजिस्टर मांगे तो महिला कर्मी ने लेखाकार के न होने की बात बताई. महिला आयोग सदस्य ने कर्मियों से अवकाश रजिस्टर, दानदाता रजिस्टर, कर्मचारियों का इंट्री रजिस्टर मांगा तो कर्मचारी वह भी नहीं दिखा सके.
सौंपी जाएगी रिपोर्ट
निरीक्षण के दौरान प्रभा गुप्ता ने रसोई का निरीक्षण किया तो ये पाया कि मेन्यू के हिसाब से अरहर की दाल, सब्जी-रोटी बननी थी, लेकिन मौके पर मिक्स दाल बनती हुई पाई गई. वहीं वृद्धजनों से भोजन और नाश्ता आदि के बारे में पूछताछ की, तो गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए. निरीक्षण के दौरान प्रोबेशन अधिकारी और समाज कल्याण अधिकारी भी मौजूद रहे. उन्होंने भी यहां मौके पर निरीक्षण किया.
ऐसा कहती हैं राज्य महिला आयोग की सदस्य
इस बारे में उ.प्र. राज्य महिला आयोग के सदस्य प्रभा गुप्ता कहती हैं कि औचक निरीक्षण में काफी खामियां मिली हैं. आश्रम में वित्तीय अभिलेख मांगे जाने पर भी नहीं दिखाए गए, यह गंभीर मामला है. रिपोर्ट तैयार कर आयोग को भेजी जाएगी. उसके बाद कोई एक्शन लिया जाएगा.
Updated on:
21 Sep 2018, 2:51 PM IST
Published on:
21 Sep 2018, 2:51 PM IST
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