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अब नहीं चल सकेगा फ़र्जी साइन का खेल, यूनीक आईडी नंबर पड़ेगा भारी

इंकम टैक्स रिटर्न फाइल करना हो या फिर किसी भी फाइनेंसियल रिपोर्ट या स्टेटमेंट की बात हो, हर जगह सीए के सर्टिफिकेशन और अटैचमेंट की जरूरत पड़ती है. अक्सर इनका गलत तरीके से फर्जी साइन बना कर दुरुपयोग होता है. जिससे सरकारी या गैर सरकारी हर इंस्टीटयूशन को नुकसान उठाना पड़ता है, लेकिन अब सीए के फर्जी साइन या सर्टिफिकेशन का पता लगाना काफी आसान हो जाएगा.

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Kanpur

अब नहीं चल सकेगा फ़र्जी साइन का खेल, यूनीक आईडी नंबर पड़ेगा भारी

कानपुर। इंकम टैक्स रिटर्न फाइल करना हो या फिर किसी भी फाइनेंसियल रिपोर्ट या स्टेटमेंट की बात हो, हर जगह सीए के सर्टिफिकेशन और अटैचमेंट की जरूरत पड़ती है. अक्सर इनका गलत तरीके से फर्जी साइन बना कर दुरुपयोग होता है. जिससे सरकारी या गैर सरकारी हर इंस्टीटयूशन को नुकसान उठाना पड़ता है, लेकिन अब सीए के फर्जी साइन या सर्टिफिकेशन का पता लगाना काफी आसान हो जाएगा. अब कैसे हो जाएगा ये आसान, आइए जानें.

ऐसा बताया गया है कारण
इसके आसान होने के पीछे कारण बताया गया है कि क्योंकि अगर कोई दस्तावेज सीए ने सर्टिफाई किया है तो उस सर्टिफिकेट का एक यूनीक आईडी नंबर होगा, जिस भी शख्स के पास यह दस्तावेज जाएगा वह यूनीक आईडी नंबर के जरिए आईसीएआई की वेबसाइड पर जाकर इसे चेक कर सकता है कि असल में उस सीए ने इस दस्तोवज सर्टिफाई किया है या नहीं. यह सुविधा आईसीएआई एक जनवरी 2019 से लागू कर देगी.

ऐसी मिली है जानकारी
इंस्टीटयूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया की ओर से डॉक्यूमेंट वैरीफिकेशन के लिए यूनीक डॉक्यूमेंट आईडेंटीफिकेशन नंबर की सुविधा दी जाएगी. हर प्रैक्टिसिंग चार्टर्ड एकाउंटेंट जोकि आईसीएआई का मेंबर है. उसका एक यूनीक आईडी नंबर होता है. यूडीआईएन वह किसी भी डॉक्यूमेंट को सर्टिफाई करने के दौरान जेनरेट करेगा. यह एक 16 डिजिट का नंबर होगा. इसमें शुरू के 6 डिजिट मेंबरशिप नंबर के होंगे. उसके बाद के 6 डिजिट डेट,मंथ और ईयर के होंगे और आखिरी 4 डिजिट डॉक्यूमेंट का सीरियल नंबर होगा. इसको वेबसाइट पर रजिस्टर किया जाएगा.

मिलेगी ऐसी सुविधा
दस्तोवज पर सीए का सर्टिफिकेशन असली है या नकली यह चेक करने के लिए इसके पोर्टल पर लॉगइन करना पड़ेगा. इसमें यूडीआईएन डाल कर क्रॉस चेक किया जा सकता है. डॉक्यूमेंट को सही में सर्टिफाई किया गया या नहीं.

ऐसा कहते हैं अधिकारी
इसको लेकर सेंट्रल इंडिया रीजनल काउंसिल ऑफ आईसीएआई के मेंबर दीप कुमार मिश्रा बताते हैं कि सभी सीए एक जुलाई से ही यूडीआईएन जेनरेट करने लगे हैं. इसे क्रॉसचेक करने की सुविधा एक जुलाई से लागू हो जाएगी. इससे पारदर्शिता भी बढ़ेगी और फर्जी सर्टिफिकेशन पर भी लगाम लगेगी.