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UP Board Exam Results 2018 – बेटियों को पछाड़ बेटों ने रचा इतिहास , टॉपरों की सूची में पंद्रह छात्रों को मिली जगह

कई जिलों लड़कियों से आगे निकले लड़के, कानुपर में 15 छात्र तो तीन छात्राओं को मिली सूची में जगह,  

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कई जिलों लड़कियों से आगे निकले लड़के, कानुपर में 15 छात्र तो तीन छात्राओं को मिली सूची में जगह,

कानपुर। यूपी बोर्ड परीक्षा का रविवार को परिणाम आ गया। कई दशक के बाद पहली बार लड़कियों के आगे कानपुर के लड़के रहे। यूपी की टॉप पंद्रह में साल छात्रों ने जगह बनाई, वहीं छात्राओं की संख्या एक रही। हालांकि कई जिले ऐसे भी हैं, जहां की टॉपर सूची में लड़के और लड़कियों ने समान अंक हासिल किया है। फिर भी बोर्ड की ओर घोषित टॉप थ्री, टॉप टेन और जिलों में लड़कों का बोलबाला है। इस पर बीएनएसडी कॉलेज के प्रिंसिपल अगंद सिंह कहते हैं कि हां हमारी बेटियां इस साल पिछड़ गई हैं, लेकिन उम्मीद है कि 2019 में बेटों को वह पछाड़ देंगी। वहीं सरस्वती विद्या मंदिर के टीचर राजीव शुक्ल कहते हैं कि स्वकेंद्र परीक्षा नहीं होने के चलते लड़कियों की टॉपर लिस्ट में नाम कम आए हैं। फिर भी कई जिलों में वह लड़कों से आगे रही हैं।
टॉपर की सूची में 15 लड़के तो तीन लड़कियां
बोर्ड ने परीक्षा परिणाम का प्रतिशत देने के साथ ही टॉप थ्री का भी एलान किया। इसमें हाईस्कूल में चार व इंटर में पांच कुल की घोषणा हुई, उनमें तीन लड़कियां व छह लड़के शामिल हैं। ऐसे ही प्रदेश की टॉप टेन सूची में हाईस्कूल के 55 छात्र-छात्राओं में से 28 लड़के और 27 लड़कियां हैं, वहीं इंटर में 42 परीक्षार्थियों में से 26 लड़के और 16 लड़कियां हैं। इसी तरह की तस्वीर जिलों में भी दिख रही है। कानपुर में इंटरमीडिएट परीक्षा के परिणाम आने के बाद यूपी की टॉप 10 में सात लड़के तो एक लड़की रही। जबकि हाईस्कूल के परीक्षा परिणाम में भी लड़कों ने बाजी मार ली। कानपुर में इस साल दसवीं में आठ लड़के मेरिट लिस्ट में नाम दर्ज करवा पाए, वहीं दो लड़कियां भी सूची में जगह पाई।
बारवीं की परीक्षा में इन्होंने लहराया परचम
ओंकारेश्वर विद्या निकेतन इंटर कॉलेज के इंटरमीडिएट छात्र शुभम दीक्षित ने 92 प्रतिशत अंकों के साथ यूपी में चौथा स्थान और कानपुर में पहला स्थान हासिल किया। इंटरमीडिएट में ही एसजी मंदिर इंटर कॉलेज की छात्रा वेदांशी दीक्षित (91.80 प्रतिशत) ने पांचवां, बीएनएसडी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज के सूर्यांश प्रताप सिंह (91.40 प्रतिशत) ने सातवां, बीएनएसडी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज के प्रखर वर्मा, ऋषभ सोनकर है। श्याम द्विवेदी ने 91.00 प्रतिशत अंकों के साथ संयुक्त रूप से यूपी के नौवें टॉपर घोषित हुए हैं। इसी स्थान पर शहर के ओंकारेश्वर विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के आकाश शुक्ला भी हैं। यूपी में दसवें स्थान पर भी 90.80 अंकों के साथ बीएनएसडी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज के छात्र हितेश वाजपेई हैं।
दसवी के मेधाओं की लिस्ट
हाईस्कूल में 93.83 प्रतिशत अंकों के साथ शिवाजी इंटर कॉलेज के अभिषेक वर्मा ने यूपी में पांचवां स्थान हासिल किया। अभिषेक सिटी टॉपर भी हैं। 93.67 प्रतिशत अंकों के साथ यूपी में छठा स्थान बीएनएसडी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज के उत्कर्ष यादव, 93.50 प्रतिशत अंकों के साथ एसवीएमएमएस स्कूल केशवनगर के अनिकेत अग्रहरि ने सातवां स्थान हासिल किया। आठवें स्थान पर द मॉडल इंटर कॉलेज कल्याणपुर के अभिजीत सिंह कुशवाहा (93.33 प्रतिशत) हैं। ओंकारेश्वर सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कॉलेज के यश गुप्ता और शिवाजी इंटर कॉलेज अर्रा की राखी वर्मा ने 93.17 अंकों के साथ संयुक्त रूप से नौवें स्थान पर हैं। अनुभव इंटर कॉलेज, मुरलीपुर रार के दीपक पाल ने 93.00 अंकों के साथ यूपी में दसवां स्थान हासिल किया है। शहर के मेधा शिखर वर्मा ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले दस साल मैरिट में कानपुर के स्टूडेंट्स की संख्या ठीक-ठाक है। नकलविहीन परीक्षा के चलते यह मुमकिन हो सका।
पांच सालों का उत्तीर्ण प्रतिशत
इस बार इंटरमीडिएट में 72.43 तो हाईस्कूल में 75.16 फीसदी परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। बोर्ड परिक्षा की 10वीं और 12वीं की परीक्षा में करीब 66 लाख छात्र शामिल हुए थे। पिछले पांच सालों में इस वर्ष उत्तीर्ण प्रतिशत कम रहा। यूपी बोर्ड 2017 की 10वीं और 12वीं परीक्षा में 60 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। 10वीं में 81.18 प्रतिशत तो 12वीं बोर्ड परीक्षा में 82.62 प्रतिशत छात्र पास हुए थे। जबकि साल 2016 में हुई यूपी बोर्ड की परीक्षा में तकरीबन 68 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था। 10वीं की परीक्षा में 87.66 और 12वीं की में 87.99 फीसदी छात्र पास हुए थे। साल 2015 में यूपी बोर्ड में परीक्षा में 10वीं में 83. 74 फीसदी छात्र पास हुए. 12वीं में 88.83 फीसदी छात्र पास हुए थे। इस साल 64 लाख छात्रों ने यूपी बोर्ड की परीक्षा दी थी। 25 मई 2014 को रिजल्ट जारी कर दिए गए थे। परीक्षा में कुल 92.21 प्रतिशत छात्र-छात्राएं पास हुए थे। 2014 में कुल 31 लाख से ज्यादा छात्रों ने हिस्सा लिया था। 2013 में की परीक्षा में करीब 38 लाख छात्र शामिल हुए थे। जिसमें करीब 90 फीसदी दसवीं तो 92 फीसदी बारवीं के छात्र पास हुए थे।