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STF से बच निकला शार्प शूटर बनारसी, हत्थे लगा D-39 का सरगना गुलाम नवी

बनारसी को पकड़ने के लिए बनारस, लखनऊ के साथ ही कानपुर की एसटीएफ उसका पीछा कर रही है लेकिन वह घिरने के बावजूद पुलिस को चकमा देकर निकल जाता है। मंगलवार की रात मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ ने उसे चमनगंज इलाके के एक घर में घेर लिया। 

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Akansha Singh

Sep 02, 2016

Robbery at daylight

Robbery at daylight

कानपुर। यूपी का मोस्टवांडेड शार्प शूटर रईस बनारसी फरवरी से शहर में ढेरा जमाए हुए हैं। बनारसी को पकड़ने के लिए बनारस, लखनऊ के साथ ही कानपुर की एसटीएफ उसका पीछा कर रही है लेकिन वह घिरने के बावजूद पुलिस को चकमा देकर निकल जाता है। मंगलवार की रात मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ ने उसे चमनगंज इलाके के एक घर में घेर लिया। कई थानों की फोर्स पूरे इलाके में फैली रही, लेकिन बनारसी पुलिस की आंख के सामने से ओझल हो गया। बनारसी तो निकल गया, लेकिन उसका खास व डी-39 का सरगना गुलाम नवी हाथ लग गया। पुलिस ने उससे पूछताछ की और उसके बताए ठिकानों पर दबिश दी, पर शूटर का कहीं सुराग नहीं लगा। वहीं अगर गयाराम दुनिया के सूत्रों की मानें तो मोनू पहाड़ी के संबंध आज भी शहर के खाकीधारियों से हैं। जिसके चलते रईस हर बार चकमा देकर निकलने में कामयाब हो जाता है। शहर में मोनू और टायसन के बीच अंदरखाने जंग चल रही है और रईस टायसन का काम तमाम करने के लिए मौके की तलाश में है।


बनारसी ने डी 39 गैंग की कमान संभाली
टायसन की मुखबरी के चलते एसटीएफ ने शहर के मोस्टवांडेट व सुपारी किलर मोनू पहाड़ी को अरेस्ट कर जेल भेज दिया। कोर्ट ने उसे सात साल की सजा दी और वह इस समय कानपुर देहात की जेल में सजा काट रहा है। अगर सूत्रों की मानें तो मोनू पहाड़ी के बुलावे पर बनारस से रईस कानपुर आया था। मोनू ने रईस को डी39 गैंग की कमान संभालने के लिए रईस पांच माह से शहर में रहकर एक बार गैंग को खड़ा करने के लिए जुटा है। मोनू ने रईस को अपने जानी दुश्मन टायसन का काम तमाम करने की जिम्मेदारी दी है। वहीं हिस्ट्रीशीटर टायसन भी मोनू और उसके दाहिने हाथ रईस बनारसी के खात्मे के लिए पुलिस का मुखबिर बन उसके ठिकाने की जानकारी दे रहा है।


गुलाम पर 25 से ज्यादा मामले दर्ज
पुलिस को मुखबिर से जानकारी मिली कि हरबंस मोहाल इलाके के लखनऊ फाटक के पास इनामी शातिर अपराधी गुलाम नवी एक मकान में रुका है और उसके साथ शार्प शूटर बनारसी भी है, जिस पर पुलिस ने उस घर के घेर लिया। पुलिस को देख छत से कूदकर गुलाम भागने लगा, लेकिन पुलिस की घेराबंदी से वह निकल नहीं सका और पकड़ा गया। पुलिस ने गुलाम के पास से एक तमंचा और कारतूस बरामद कर लिया। पुलिस ने पकड़े गए अपराधी के बारे में बताया कि गुलाम नवी डी 39 गैंग का सरगना है। गुलाम नवी शहर के आधा दर्जन थाने में लूट, हत्या, डकैती और गैंगेस्टर जैसे संगीन अपराधों के 25 मुकदमों में वंछित चल रहा है। पुलिस ने गुलाम नवी के गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी।


डॉन को जेल में अपनी मौत का डर
डी-39 गैंग के सरगवा गुलाम के अरेस्ट के बाद माती जेल में बंद डॉन मोनू पहाड़ी डर गया है। माती जेल में बंद कुख्यात अपराधी मोनू पहाड़ी ने उसकी जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है। मोनू पहाड़ी का आरोप है कि जेल में उसकी हत्या की साजिश रची जा रही है। उसके साथ जेल में मारपीट की गई। हालांकि जेल प्रशासन इस घटना से इंकार कर रहा है। दरअसल कानपुर शहर का कुख्यात अपराधी मोनू पहाड़ी करीब 1 साल से माती जेल में बंद है । उसको एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था। पहले तो उसे कानपुर जेल में भेजा गया लेकिन सुरक्षा के लिहाज से उसको एक साल पहले माती जेल में शिफ्ट कर दिया गया। मोनू पहाड़ी का आरोप है उसके सारे मुकदमें छूट रहे हैं और वह जल्द ही जेल से बाहर आ सकता है इसलिए उसकी हत्या की साजिश रची जा रही है। मोनू पहाड़ी ने जेल में डिप्टी जेलर और नंबरदार पर मारपीट का आरोप लगाया है। मोनू ने इस मामले में एक दूसरे हिस्ट्रीशीटर पर जेल के अधिकारियों को मिला कर हत्या करने साजिश का आरोप लगाया है। हालांकि जेल के अधिकारियों कहना है मोनू पहाड़ी जेल के नियमों के विपरीत आंतरिक सुरक्षा चाहता है जिसे मना करने पर वह झूठे आरोप लगा रहा है।

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