
यूपी के पूर्व क्रिकेटर आदित्य पाठक की दोनों किडनी हैं खराब, खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से मदद की आस
कानपुर. देश के लिए ओलंपिक में पदक लाने वाले राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को खेलं मत्री बनाए जाने की जानकारी कानपुर के एक प्राईवेट हॉस्पिटल में इलाज करवा रहे यूपी के पूर्व क्रिकेटर आदित्य पाठक को हुई तो खुशी से उसके आंसू छलक पड़े। आदित्य ने कहा कि राठौर सर जरूर मेरी जिंदगी बचाने के लिए आगे आएंगे, क्योंकि वो भी एक प्लेयर हैं और उन्हें मालूम है कि स्पोर्टमैन की शुरूआत की जिंदगी कितनी कठिन होती है। वहीं लाचार पिता ने बताया कि दिन में एक दुकान में नौकरी कर जो कमताकर लाता हूं, वो बेटे के इलाज में लगाता हूं, वहीं मजबूर मां अपने लाल को बचाने के लिए छोटे-छोटे बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर बेटे के लिए दवा की व्यवस्था करती है।
यूपी अंडर-16 का सदस्य जिंदगी की लड़ रहा जंग
शहर के यशोदानगर निवासी विनोद पाठक के बेटे आदित्य की दोनों किडनियों ने काम करना बंद कर दिया है। उसका इलाज डॉक्टर देशराज गूजर की निगरानी में रिजेंसी हॉस्पिटल में चल रहा है। आदित्य ने यूपी अंडर-16 टीम का सदस्य रहा है और प्रदेश की टीम के लिए कई मैच भी खेले। वो केडीएमए कॉलेज टीम का कैप्टन भी रहा। आदित्य ग्रीनपार्क हॉस्टल के साथ की कलमा क्लब टीम से भी खेलता था। इस दौरान टीम इंडिया के प्लेयर मोहम्मद कैफ, मोहम्मद सैफ, पियूष चावला, आरपी सिंह, भूनवेश्वर कुमार, प्रवीण कुमार, कुलदीप यादव के साथ ग्रीनपार्क स्टेडियम में इनके साथ खेला और नेट पर इनमें से कईयों को अपनी गुगली से बोल्ड भी कर चुका है। आदित्य ने बताया कि 2009 में उसे पेट में तकलीफ हुई तो डॉक्टरों को दिखाया। जांच के दौरान डॉक्टरों ने मेरी दोनों किडनी खराब होने की बात बताई।
दोस्तों के पैसे और पिता की किडनी से चल रही सासें
आदित्य ने बताया कि 2009 में पिता ने किडनी मैच कर गई, लेकिन डॉक्टर ने ऑपरेशन का खर्चा आठ से दस लाख रूपए बताया। पिता ने दुकान बेचकर पांच लाख की व्यवस्था की बाकि की रकम मेरे दोस्तों ने की। किडनी ट्रांसलेंट के बाद आदित्य फिर से 22 गज की पिच पर जौहर दिखाने लगा। उसके बल्ले से रन बरसने लगे तो गेंदों ने अपना रूतबा कायम रखा। पर ईश्वर ने उसके साथ फिर खेल खेला और पिता की दी हुई किडनी ने काम करना बंद कर दिया। बीमार बेटे को बचाने के पिता के पास न दुकान बची और न ही घर। आदित्य के पिता कहते हैं कि कानपुर में भाजपा के सात विधायक व यूपी कैबिनेट में दो मंत्री हैं, लेकिन बेटे के इलाज के लिए कोई आगे नहीं आया। हमें पीएम नरेंद्र मोदी और खेलमंत्री हर्षवर्धन राठौर से उम्मीद है कि वो हमारी मदद करेंगे।
राठौर सर तक अगर पहुंची आवाज तो बनेगी बात
आदित्य ने कहा कि अगर मेरी आवाज राठार सर तक पहुंच जाएगी तो सौ फीसदी वो मेरी मदद के लिए आएंगे। वहीं आदित्य की छोटी बहन ने कहा कि हम जल्द ही राठौर सर को खत लिखेंगे और भईया के दर्द को उन तक पहुंचाएंगे। आदित्य कहते हैं कि यूपी सरकार में खुद क्रिकेटर चेतन चौहान खेलमंत्री हैं। मैंने उन्हें खत लिखकर अपने दर्द की जानकारी दी थी, लेकिन लगता है उनके पास मलहम के लिए पैसे नहीं है। आदित्य ने बताया कि गैर सरकारी संगठनों और हमारे दोस्तों ने मदद की। इसके साथ ही टीम इंडिया के प्लेयर आरपी भाई, प्रमीण भाई ने पैसे मेरे एकाउंट में भिजवाए हैं।
Published on:
05 Sept 2017 11:33 am
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