
कानपुर नगर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। करीब 12-13 वर्षों से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी गैंगस्टर सद्दाम को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया है। लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहा यह शातिर अपराधी वर्ष 2013 में हुई लूट की कई वारदातों में शामिल रहा था और उसके खिलाफ वर्ष 2014 में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई भी की गई थी।
पुलिस के अनुसार, सद्दाम गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। तकनीकी साक्ष्यों और खुफिया जानकारी के आधार पर उसकी लोकेशन समय-समय पर महराजगंज, सोनौली और नेपाल क्षेत्र में ट्रेस की जा रही थी। इसके बावजूद वह पुलिस की पकड़ से बाहर बना हुआ था। पुलिस टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी रही और उसके मूवमेंट पर नजर रखी जा रही थी।
पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि सद्दाम कानपुर नगर में मौजूद है। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने जाल बिछाया और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से कोई बड़ी बरामदगी नहीं हुई, लेकिन पुलिस के लिए यह सफलता लंबे समय से लंबित एक बड़े मामले का खुलासा मानी जा रही है।
पूछताछ में पुलिस को चौंकाने वाला खुलासा मिला है। फरारी के दौरान सद्दाम ने अपनी पहचान छिपाने के लिए अनोखा तरीका अपनाया। वह अलग-अलग शहरों के मेलों में छोटी दुकान लगाकर काम करता था, जिससे किसी को उस पर शक नहीं होता था। भीड़भाड़ वाले इलाकों में रहना उसकी रणनीति का हिस्सा था, ताकि वह आसानी से पुलिस की नजरों से बच सके। लगातार ठिकाना बदलने और आम लोगों की तरह जीवन बिताने के कारण वह वर्षों तक गिरफ्तारी से दूर रहा।
पुलिस अब सद्दाम के आपराधिक नेटवर्क और उसके सहयोगियों की तलाश में जुट गई है। उसके पुराने मामलों की भी दोबारा जांच की जा रही है और तकनीकी साक्ष्य एकत्र कर यह पता लगाया जा रहा है कि फरारी के दौरान वह किन-किन अपराधों में शामिल रहा।इस पूरे मामले पर पुलिस उपायुक्त सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और उसके खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
Updated on:
20 Mar 2026 05:23 pm
Published on:
20 Mar 2026 05:22 pm
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