
"लोग पुलवामा हमले, 26/11 के हमलों में पीड़ित परिवारों को भूल जाते हैं... हम नहीं चाहते कि शुभम को भुलाया जाए और इसलिए मैं सरकार से अनुरोध करती हूं कि उसे शहीद का दर्जा दिया जाए... शुभम को सबसे पहले गोली मारी गई... उसका चेहरा विकृत कर दिया गया और परिवार के सदस्यों को उसका चेहरा देखने का मौका नहीं मिला...।" यह बात पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए शुभम द्विवेदी की पत्नी ने कहा।
दो महीने पहले 12 फरवरी को शुभम की शादी एशान्या से हुई थी। इसके बाद से परिवार का घूमने जाने का कार्यक्रम बना रहा था। अंतत: 17 अप्रैल को कश्मीर जाने का कार्यक्रम बना। वह पत्नी, पिता समेत 11 रिश्तेदारों संग कश्मीर घूमने गए। मंगलवार को वे लोग पहलगाम में थे। शुभम पत्नी एशान्या संग पहाड़ पर घुड़सवारी करने गए थे। तभी हमला हो गया, जहां आतंकी हमले का शिकार हो गए।
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी। सेना की वर्दी में आए आतंकियों ने पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर हिंदू हो कहकर गोली मार दी। इसमें कानपुर के श्यामनगर निवासी सीमेंट व्यापारी के बेटे शुभम भी शामिल थे।
आतंकियों ने शुभम को गोली से उड़ा दिया और उनकी पत्नी को छोड़ दिया। एयान्या के मुताबिक, शुभम को गोली मारने के बाद आतंकियों ने कहा था कि हम आपको जिंदा छोड़ रहे हैं ताकि जाकर आप अपनी मोदी सरकार को बताएं कि आपके साथ क्या हुआ है।
आतंकी हमले के बाद भारत ने सख्त कदम उठाया और पाकिस्तान को लेकर 5 बड़े फैसले लिएए। इनमें सिंधु जल संधि स्थगित, अटारी चेक पोस्ट बंद करने और वीजा रद्द करने जैसे फैसले हैं।
Updated on:
27 Apr 2025 11:39 am
Published on:
27 Apr 2025 10:49 am
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