
अमूमन गर्मी के मौसम में मई के महीने में सबसे अधिक गर्मी पड़ने के साथ लू चलती है। ऐसे में लोग कूलर एसी का सहारा लेते हैं, लेकिन इस बार पिछले 10 दिन से रुक-रुक कर हो रही लगातार बारिश से मई के महीने में भी सावन का अहसास हो रहा है।
इस समय सड़क तप रही ना कूलर पंखे की जरूरत महसूस हो रही। आलम यह है कि रात के समय चलने वाले कूलर पंखे भी लोगों को चद्दर कंबल ओढ़ने को मजबूर कर रहे हैं। पूरा अप्रेल माह बीत गया, लेकिन घरों में लगातार एक सप्ताह भी कूलर नहीं चला। इससे बाजारों में कूलर की बिक्री ठप पड़ी हुई है। दुकानदारों के चेहरों पर मायूसी छाई हुई है। हालांकि दूकानदारों को उम्मीद है कि मई माह में गर्मी लोगों को सताएगी तो उन्हें कूलर की जरूरत महसूस होगी।
जिससे कूलर की बिक्री बढेगी। दुकानदारों ने अन्य वर्षों की तरह इस वर्ष भी कूलरों का स्टाक कर रखा है। इससे दुकानदार मायूस हैं। वैसे अप्रेल माह की शुरूआत के साथ ही गर्मी का असर बढ़ने लगता है। घरों में दिन व रात में थोड़ी देर ही सही कूलर की जरूरत पड़ने लगती है, लेकिन इस बार अभी तक कूलर का कारोबार ठप पड़ा हुआ है।
इन दिनों इलेक्ट्रॉनिक्स व फर्नीचर की दुकानों पर बाहर कूलर बिक्री के लिए रखे हुए हैं। लेकिन कूलरों को खरीदने वाले ग्राहकों का टोटा है। इससे दुकानदार मायूस हैं। हालांकि शादी-विवाहों के लिए कूलरों की खरीदारी जरुर हो रही है।
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इलेक्ट्रॉनिक दुकान के विक्रेता श्याम लाल सैनी व गोपाल गुर्जर ने बताया कि इस बार गत वर्ष की अपेक्षा दस फीसदी कूलर भी नहीं बिके हैं। जबकि कूलरों से गोदाम भरे हुए हैं। दुकानदारों का कहना है कि अप्रेल-मई व 15 जून तक कूलर का सीजन रहता है। ऐसे में अप्रेल का महीना तो निकल चुका है। दुकानदारों को मई महीने से कूलर बिक्री की उम्मीद है।
Published on:
04 May 2023 02:21 pm
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