
दुष्कर्म पीडि़ता की मदद करने चले भाजपाइयों के खिलाफ प्राथमिकी
दुष्कर्म पीडि़ता की मदद करने चले भाजपाई खुद ही मुकदमें के झमेले में फंस गए हैं। इस मामले में धरना-ज्ञापन देने पर भाजपा नेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इस प्रकार मामले में कांग्रेस-भाजपा के राजनीतिक दांव-पेच शुरू हुए हैं।
करौली जिले में मण्डरायल थाना क्षेत्र की एक दुष्कर्म पीडि़ता को न्याय दिलाने के लिए भाजपा की ओर से शनिवार को कलेक्ट्रेट के सामने दिए गए धरने और कलक्टर को सौंपे गए ज्ञापन के मामले में भाजपा नेताओं के खिलाफ करौली थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई है। इस सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक को परिवाद सौंपा गया था।
मण्डरायल पंचायत समिति की मोंगेपुरा पंचायत के खिरकन गांव के निवासी राधारमण शर्मा की ओर से दर्ज प्राथमिकी में भाजपा नेताओं पर धरने-ज्ञापन के जरिए से राजनीतिक र्दुभावना के कारण बदनाम करने का आरोप लगाया गया है। प्राथमिकी में उल्लेख है कि वह स्वयं और अन्य साथी लोग किसी भी दुष्कर्म के मामले में आरोपी नहीं है। इसके बावजूद उनको बदनाम करने के लिए उनके खिलाफ आरोप लगाए गए और ज्ञापन में उनको दुष्कर्म का आरोपी भी लिखा गया। भाजपा के नेता ऐसा करके पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाकर उनको बेवजह गिरफ्तार कराना चाहते हैं। यह भी आरोप लगाया है कि भाजपा के नेताओं ने राजनीतिक विद्वेषता के कारण उनकी समाज में प्रतिष्ठा धूमिल करने का काम किया है।
प्राथमिकी में भाजपा जिलाध्यक्ष बृजलाल डिकोलिया, पूर्व विधायक सुरेश मीणा, पूर्व जिलाध्यक्ष कैलाश शर्मा सहित कई को नामजद करते हुए एसपी से उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।
इधर भाजपा जिलाध्यक्ष डिकोलिया ने कहा कि उन्होंने पीडि़ता को न्याय के लिए धरना दिया था। पीडि़ता के परिजनों ने जो जानकारी पार्टी के लिए दी थी, उसके आधार पर ही ज्ञापन में लिखा गया। सत्ताधारी लोग अनावश्यक भाजपा पर दबाव डालने के लिए इस तरह की प्राथमिकी दर्ज करा रहे हैं, जिससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।
Updated on:
05 Jul 2021 09:35 pm
Published on:
05 Jul 2021 09:35 pm
