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Success Story: फल विक्रेता का बेटा बना GST इंस्पेक्टर, रिजल्ट आते ही छलक पड़े पिता के आंख में खुशी के आंसू

GST Inspector Motivational Story: नितिन कुमार ने 18 और 19 जनवरी को एसएससी की सीजीएल मैन्स परीक्षा दी थी। उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर सामान्य वर्ग में 4585वीं रैंक हासिल की।

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Nitin Garg

नितिन कुमार गर्ग की फोटो: पत्रिका

SSC CGL 2025-26 Result: कर्मचारी चयन आयोग द्वारा आयोजित सीजीएल स्तर की परीक्षा में करौली जिले के हिण्डौनसिटी में फल विक्रेता के बेटे नितिन कुमार गर्ग का चयन जीएसटी इंस्पेक्टर के पद पर हुआ। परीक्षा परिणाम घोषित होते ही पिता संतोष कुमार गर्ग की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।

कड़ी मेहनत और लगन का मिला फल

नितिन कुमार ने 18 और 19 जनवरी को एसएससी की सीजीएल मैन्स परीक्षा दी थी। उन्होंने अखिल भारतीय स्तर पर सामान्य वर्ग में 4585वीं रैंक हासिल की। नितिन ने बताया कि सफलता तक पहुंचने में उन्हें अपने शिक्षक वीसीआइ राजीव भारद्वाज का विशेष मार्गदर्शन मिला। हर संदेह को समय पर स्पष्ट करने से उन्हें परीक्षा में आत्मविश्वास मिला।

फल का ठेला लगाते हैं पिता

नितिन के पिता संतोष कुमार ठेला लगाकर फल बेचते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। उन्होंने बताया कि बेटे की सफलता उनके लिए गर्व और खुशी का क्षण है। साधारण परिवार से होने के बावजूद नितिन ने कड़ी मेहनत और समर्पण से यह मुकाम हासिल किया। नितिन ने कहा कि अब उनका लक्ष्य न केवल अपने परिवार का नाम रोशन करना है, बल्कि समाज में भी सकारात्मक योगदान देना है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी सेवा में आकर वे ईमानदारी और निष्ठा के साथ काम करेंगे।

शिक्षा रैंकिंग में करौली की ऊंची छलांग

शिक्षा निदेशालय की ओर से मार्च माह की जारी की गई रैकिंग में करौली जिला एक बार फिर प्रदेश में अव्वल आया है। करौली जिले ने लगातार दूसरी बार शिक्षा रैकिंग में पहला पायदान हासिल किया है। विशेष बात यह है कि न केवल जिला प्रदेश में अव्वल रहा है, बल्कि अक्सर फिसड्डी रहने वाला जिले के मण्डरायल ब्लॉक ने भी इस रैकिंग में ऊंची छलांग लगाते हुए पहला पायदान हासिल किया है, जो जिले के लिए शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है। जिले के प्रदेश में अव्वल रहने पर शिक्षा महकमे के अधिकारियों ने खुशी है। शिक्षा रैकिंग में जिले ने कुल 51 अंक स्कोर के साथ टॉप किया है।


गौरतलब है कि शिक्षा निदेशालय की ओर से प्रति माह प्रदेश के सभी जिलों की संयुक्त रैकिंग जारी की जाती है। यह रैकिंग शाला दर्पण डाटा के जरिए तैयार होती है। रैकिंग में पहले जहां करौली जिला काफी पीछे रहता था, वहीं अब पिछले दो माह से जिला पहले पायदान पर आने लगा है, जो जिले में शिक्षा और शिक्षा व्यवस्थाओं में सुधार के लिए सुखद संकेत है। फरवरी माह में भी करौली जिला रैकिंग में प्रथम पायदान पर रहा था।