12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

किसानों ने देसी बीज को बिसराया, हाइब्रिड में बढ़ रहा रुझान

गुढ़ाचंद्रजी. काश्तकार कम लागत में अच्छी फसल लेने के लिए हाइब्रिड बीजों का उपयोग कर रहे हैं। उत्पादन तो बढ़ रहा है लेकिन देसी फसलों जैसा स्वाद और फ्लेवर पीछे छूटता जा रहा है। हाइब्रिड बीजों से स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर हो रहा है। कई प्रकार की शरीर में बीमारी होने लगी है।

2 min read
Google source verification
किसानों ने देसी बीज को बिसराया, हाइब्रिड में बढ़ रहा रुझान

karauli

गुढ़ाचंद्रजी. काश्तकार कम लागत में अच्छी फसल लेने के लिए हाइब्रिड बीजों का उपयोग कर रहे हैं। उत्पादन तो बढ़ रहा है लेकिन देसी फसलों जैसा स्वाद और फ्लेवर पीछे छूटता जा रहा है। हाइब्रिड बीजों से स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर हो रहा है। कई प्रकार की शरीर में बीमारी होने लगी है।
करौली जिले में ८० प्रतिशत किसान अधिक उपज लेने की चक्कर में हाइब्रिड बीजों का अधिक उपयोग कर रहे हैं। इसके कारण प्रतिवर्ष किसानों को बीज बदलना पड़ रहा है। जबकि देसी फसलों में अच्छी बीज का संरक्षण कर बार-बार उपयोग में लिया जा सकता है। अधिक उपज देने की खातिर किसान नित नए प्रयोग कर रहे हैं। कम लागत में अधिक पैदावार लेने के लिए हाइब्रिड बीजों का उपयोग बढ़ता जा रहा है। इसके कारण प्रतिवर्ष काश्तकारों को बीजों को बदलना पड़ता है। इसके कारण उनकी निर्भरता सरकार एवं कृषि की दुकानों पर बढ़ती जा रही है। हालांकि हाइब्रिड बीजों से पैदावार अधिक हो रही है लेकिन भूमि की उर्वरता शक्ति लगातार कम होती जा रही है। इस कारण भूमि बंजर होने के कगार पर पहुंच गई है। इसी प्रकार सिलसिला चलता रहा तो १ दिन फसल उपज देना छोड़ देगी। जबकि पहले काश्तकार अच्छे बीजों का संरक्षण कर उसका बार-बार उपयोग करते थे। लेकिन अब ऐसे काश्तकारों की संख्या में लगातार कमी होती जा रही है। भगवान में यूरिया खाद के लिए जो मारामारी हो गई है ऐसी महामारी बीजों के लिए भी हो सकती है।

इन फसलों में सर्वाधिक उपयोग
माड़ क्षेत्र में सरसों, बाजरा, मूंग और सब्जियों में हाइब्रिड संकर बीज का उपयोग सर्वाधिक हो रहा है। गेंहू में भी कुछ किसान हाइब्रिड बीज का उपयोग करने लगे हैं। हाइब्रिड बीज से एक और मिट्टी की उर्वरता समाप्त होती है दूसरी ओर स्वास्थ्य के लिए नुकसान पहुंचाती है। हाइब्रिड बीज के उपयोग से शरीर में अनेक प्रकार की बीमारियां जन्म ले लेती है।

यह होता है हाइब्रिड
हाइब्रिडाईजेशन वह प्रक्रिया है जिसमें पौधों में निषेचन कराकर नया पादप अंकुरित कराया जाता है। उसी हाइब्रिड संकर किस्म कहा जाता है। कम लागत में अच्छी पैदावार होती है। इस कारण काश्तकारों में इसका रुझान लगातार बढ़ता जा रहा है।

यह होता है फायदा
उत्पादन अच्छा होने के साथ लागत कम आती है। दाने का आकार भी बड़ा होता है। बीज का दाना छोटा होता है। फ्लेवर भी अलग होता है।

रुझान बढ़ रहा है।
कृषि पर्यवेक्षक कैलाश चंद्रवाल का कहना है कि हाइब्रिड बीजों के उपयोग के कारण प्रतिवर्ष बीज बदलना पड़ता है। देसी बीजों का बार-बार उपयोग किया जा सकता है। लेकिन किसानों का हाइब्रिड बीजों की ओर रुझान बढ़ता जा रहा है।


बड़ी खबरें

View All

करौली

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग