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करौली जिले के हिंडौन में हालात बेकाबू, विधायक आैर पूर्व मंत्री का घर फूंका, कर्फ्यू लागू

सोमवार को भारत बंद के दौरान हुए बवाल के बाद मंगलवार काे हिंडौन सिटी में हालात बिगड़ गए। हालत काबू में करने के लिए शहर में कर्फ्यू लगाया गया है।

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people protest

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करौली। सोमवार को भारत बंद के दौरान हुए बवाल के बाद मंगलवार काे हिंडौन सिटी में हालात बिगड़ गए। हालत काबू में करने के लिए शहर में कर्फ्यू लगाया गया है। जानकारी के अनुसार, भारत बंद के दाैरान आगजनी आैर लूटपाट के खिलाफ लाेगाें ने उग्र प्रदर्शन किया। जल्द से जल्द दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर लोग सड़कों पर उतर आए।

भीड़ ने भाजपा विधायक राजकुमारी जाटव आैर पूर्व मंत्री भरोसी लाल जाटव के घर में आग लगा दी। इससे पहले जब आज सुबह हिंडौन में पुलिस पैदल मार्च कर रही थी तो फिर से कुछ उपद्रवियों ने उत्पात मचाया। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो पुलिस से झड़प हो गई। पुलिस ने बल प्रयोग किया तो भी उपद्रवी नहीं भागे तो पुलिस ने उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े। इसी दौरान आंसू गैस के गोले एक सरकारी स्कूल में जा गिरे इससे वहां भगदड़ मच गई। भगदड़ और गैस के गोलों से घायल होने पर करीब दो दर्जन से भी ज्यादा छात्रों को उपचार उपलब्ध कराया गया है।

इससे पहले साेमवार काे हिंडौन सिटी में एससी-एसटी समाज की ओर से भारत बंद के तहत निकाली गई हुंकार रैली उपद्रव में बदल गई। उपद्रवियों ने शहर में सैंकड़ों दुकानों में तोडफ़ोड़ और लूटपाट की। रेल स्टेशन, रोडवेज बस स्टैण्ड, राजकीय अस्पताल और बैंक शाखाओं में भी उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया। रेल स्टेशन के पास अस्थायी रोडवेज बस स्टैण्ड को आग के हवाले कर दिया। रोडवेज की 25 से ज्यादा बसों में तोडफ़ोड़ की गई। रेल स्टेशन पर टिकट विंडों को भी आग के हवाले कर दिया। रेल स्टेशन पर उपद्रवी और पुलिसकर्मी भिड़ गए, जिसमें कई पुलिसकर्मी लहुलुहान हो गए। इसके साथ ही उपद्रवियों को भी चोटें आई हैं। वहीं कई निजी वाहनों को भी उपद्रवियों ने निशाना बनाते हुए तोडफ़ोड़ की। मोटरसाइकिलों में आग लगा दी।

शहर में अभी भी हालात बेकाबू बने हुए हैं। घटनाक्रम से पूरे शहर में अफरा-तफरी मच गई। वहीं लोगों में रोष उभर गया। हुंकार रैली में शामिल होने के लिए उपखंड मुख्यालय सहित आसपास के गांवों से हजारों लोग सुबह ही जाटव बस्ती के अंबेडकर सर्किल पहुंच गए। वहां से हाथों में नारे लिखी तख्तियों के साथ रैली ने करीब 11 बजे शहर की ओर से कूच किया। बयाना रोड के जाटव बस्ती तिराहे पर आते ही रैली में शामिल भीड़ बेकाबू हो गई। हाथों में लाठी, डंडे, तलवार और फरसे लिए वाहनों और बंद दुकानों पर डंडे बरसाने लगे।

रैली मनीराम पार्क के सामने होकर शीतला चौराहा होते हुए डैंपरोड बाजार पहुंची। वहां बाजार में भीड़ को जाने से रोकने के लिए भारी पुलिस दल के साथ तैनात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश यादव एवं अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद थे, लेकिन पुलिस अधिकारी भीड़ को बाजार में जाने से नहीं रोक पाए। बाजार में घुसते ही उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया। डैंपरोड पुलिया पर सब्जी की दुकानों में रखी सब्जियों व ठेलागाडिय़ों पर रखे फल-फ्रूट को सडक़ पर फैला दिया। कई बंद दुकानों के बाहर लगे इलेक्ट्रोनिक बोर्ड, बिजली मीटरों को तोड़ दिया।

कटरा बाजार, पुरानी मंडी बाजार, सर्राफा बाजार में तोडफोड़ करते हुए करौली मार्ग स्थित गौशाला पहुंच गए। वहां भी कई दुकानों को नुकसान पहुंचाया। बाद में उपद्रवियों ने रोडवेज बस स्टैण्ड की बुकिंगों पर तोडफ़ोड़ करने और बसों व अन्नापूर्णा भोजन वाहन को नुकसान पहुंचाने के साथ विरोध करने पर कई दुकानदारों से मारपीट की गई। बयाना मार्ग पर मुंसिफ कोर्ट के बाहर फुटपाथ पर लगी दुकानों व ठेलागाडिय़ों को भी काफी नुकसान पहुंचाया गया। हजारों की संख्या में लोग स्टेशन मार्ग व एसडीओ कार्यालय के बाहर एकत्र हो गए, जहां सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए।

उपद्रवियों की भीड़ राजकीय अस्पताल पहुंच गई, जहां चिकित्साकर्मियों से मारपीट करने के साथ तोडफ़ोड़ की। डॉक्टरों ने बताया कि उन्होंने अपने कमरों के दरवाजे अंदर से बंद कर जान बचाई। उपद्रवियों ने बंद दरवाजों पर लाठियां बरसाई। राजकीय अस्पताल से रेल स्टेशन तक के रास्ते में जो भी वाहन खड़े मिले, उनके शीशे तोड़ दिए। स्टेशन मार्ग के यूको बैंक के एटीएम कक्ष के शीशे तोड़ दिए। यूनियन बैंक में शीशे के गेट को तोड़ दिया। प्रबंधक की बाहर खड़ी कार के शीशे तोड़ दिए।

उपद्रवियों में रेल स्टेशन के रास्ते में पड़े तीनों पेट्रोल पंपों पर भी जमकर तोडफ़ोड़ की। रेल स्टेशन पर भी उत्पात रेल स्टेशन पर तो उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया। दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर कब्जा करने के साथ स्टेशन पर तोडफ़ोड़ की गई। ऑटोमेटिक टिकट वैडिंग मशीन में आग लगाने के साथ टिकट विंडों और कंट्रोल पैनल को तोडफ़ोड़ दिया। रेल स्टेशन के पास रोडवेज के अस्थायी बस स्टैण्ड पर भी आग लगा दी गई तथा रोडवेज की करीब दो दर्जन बसों को क्षतिग्रस्त कर दिया। सात बसों को आग के हवाले कर दिया।