5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

10 साल से टंकी में नहीं आया एक बूंद पानी, दर-दर भटक रहे ग्रामीण

Not a drop of water came in the tank for 10 years, villagers wandering from door to door-खेडीहैवत गांव की जाटव बस्ती में जलसंकट

less than 1 minute read
Google source verification
 10 साल से टंकी में नहीं आया एक बूंद पानी, दर-दर भटक रहे ग्रामीण

10 साल से टंकी में नहीं आया एक बूंद पानी, दर-दर भटक रहे ग्रामीण


हिण्डौनसिटी. समीपवर्ती खेड़ीहैवत गांव की जाटव बस्ती में जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्मित टंकी लगभग 10 वर्ष से सूख्ी पड़ी है। अधिकारियों की उदासीनता का ही नतीजा है कि एक दशक से टंकी में एक बंूद पानी नहीं आया है। ऐसे में भीषण गर्मी में भी ग्रामीणों को जलसंकट का सामना करना पड़ रहा है।

बसपा के जिला सचिव रिन्कू कुमार खेडीहैवत ने बताया कि सरकारी सिंगल फेज नलकूप बंद पड़ा हुआ है। स्र्टाटर पैनल, समर्सिबल मोटर, केबिल, रस्सा और प्लस्टिक की टंकी के साथ लोहे के स्टैंड को कुछ समाजकंटक खोलकर ले गए। पीने योग्य पानी के एकमात्र सार्वजनिक कुएं पर भी प्रभावशाली लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। कई बार सरपंच व ग्राम विकास अधिकारी से लेकर जलदाय विभाग के अधिकारियों को मामले में अवगत कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
रास्ते में जलभराव बना मुसीबत-
बसपा जिला सचिव ने बताया कि खेडीहैवत गांव की जाटव बस्ती से राजकीय प्राथमिक स्कूल तक रास्ते में जलभराव लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। कीचड़ भरे रास्ते से निकलने में ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।