
सोनोग्राफी रूम के बाहर दर्द से बिलखती रही मासूम और उसे दिलासा देती रही मां, करौली में सामने आई ये लापरवाही
करौली.
अस्पताल के सोनोग्राफी कक्ष के बाहर दर्द से बिलखती मासूम और उसे दिलासा देती मां। असहनीय होते दर्द से मासूम की कई मर्तबा सिसकियां निकल गईं। अस्पताल में मां-बेटी के दर्द और दिलासा का यह क्रम ढाईघंटे तक चला, लेकिन बेदर्द अस्पताल प्रशासन लगातार इसकी अनदेखी करता रहा।
ढाई घंटे अस्पताल में बिलखती रही मासूम
यहां से कई बार चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ निकला, लेकिन किसी ने बालिका के दर्द से राहत दिलाने की जहमत नहीं उठाई। जानकारी के अनुसार रतियापुरा निवासी शिवानी (८) पुत्री रघुवीर मीना बुधवार को पेट दर्द की शिकायत के चलते मंडरायल रोड स्थित मातृ एवं शिशु संस्थान में भर्ती हुई थी।
गुरुवार तक उसे राहत नहीं मिली तो भर्ती बालिका के परिजनों को चिकित्सक ने सोनोग्राफी कराने की सलाह दी। शुक्रवार सुबह बालिका अपनी मां के साथ शहर में स्थित सामान्य चिकित्सालय में सोनोग्राफी कराने पहुंची।
मां-बेटी सुबह 8 बजे अस्पताल पहुंच गईं, लेकिन १०.३० बजे तक न तो बालिका को किसी चिकित्सक ने देखा और न ही उसकी सोनोग्राफी हुई। इस बीच कभी कम तो कभी ज्यादा दर्द से बालिका बिखलती रही, लेकिन किसी ने भी उसकी पीड़ा को नहीं समझा।
पत्रिका की पहल पर ली सुध
इस बीच अस्पताल पहुंची पत्रिका टीम ने बालिका की पीड़ा को देख अस्पताल प्रशासन को अवगत कराया और बालिका को डॉ. गोविंद गुप्ता के कक्ष में पहुंचाकर उसका इलाज शुरू कराया। इसके बाद बालिका को राहत मिल सकी।
&एक चिकित्सक होने से दिक्कत है। एक ही सोनोलॉजिस्ट हैं, जो वार्डों में पहले राउंड करते हैं। इसके बाद आउटडोर देखकर ११ से १२ बजे सोनोग्राफी करते हैं। इस वजह से देरी हो गई होगी।
डॉ. श्रीराम मीना, पीएमओ करौली
करौली. अपनी मांगों के समर्थन में पंचायती राज के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने अनिश्चतकालीन धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। मंत्रालियक कर्मचारी पंचायत समिति परिसर में धरने पर बैठे हैं।
Published on:
27 May 2018 08:20 pm
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