
क्षतिग्रस्त सड़क। फोटो- पत्रिका
राजस्थान के करौली के गुढ़ाचंद्रजी ग्रामीण इलाकों में वर्षों से जर्जर सड़कों की हालत इस मानसून की भारी बरसात ने और खराब कर दी है। सड़कों के जख्म भरने के बजाए और गहरे हो गए हैं। जिन पर चलना लोगों के लिए बहुत मुश्किल हो गया है। दो वर्ष पूर्व 5 करोड़ रुपए की लागत से बनी ढहरिया मोड़ से उजीरना की सड़क का इस बरसात ने दम निकाल दिया है। सड़क पहले से जर्जर हो रही थी, लेकिन अब और खराब हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर सड़क की मरमत हो जाती तो इसकी यह हालत नहीं होती।
मानसून की बारिश ने सड़कों की हालत इस कदर खराब कर दी है कि वह गारंटी अवधि भी पूरी नहीं कर पाई है। 5 वर्ष की गारंटी अवधि के बजाय दो वर्ष में ही क्षतिग्रस्त हो गई है। गड्ढों में पानी भरा हुआ है जो दिखाई नहीं देते। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार ने घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया। जिससे सड़क गारंटी अवधि से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गई। सड़क बनाने के बाद संवेदक गारंटी अवधि तक इनकी देखरेख नहीं करते। अधिकारी भी मॉनिटरिंग नहीं करते हैं।
7 किलोमीटर लंबी सड़क पर चलना मुश्किलों भरा हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से ढहरिया, उजिरना, बालाखेड़ा, अलूदा, सलावद सहित दो दर्जन से भी अधिक गांवों के लोगों का आवागमन होता है। जगह जगह पानी भरा है। सड़क क्षतिग्रस्त होने से लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
यह वीडियो भी देखें
सड़क पर गड्ढों व जलभराव के कारण कंक्रीट बाहर निकल आई है। जिससे वाहन चालक इन पर फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। राहगीरों को ठोकर लग रही है। जलभराव के कारण गड्ढे दिखाई नहीं देते। वाहन चालक इनमें फंसकर चोटिल हो जाते हैं। ग्रामीणों ने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों से सड़क की मरमत शीघ्र कराकर राहत प्रदान करने की मांग की है।
बारिश के कारण सड़कों पर पानी बह रहा है। इस कारण क्षतिग्रस्त हो रही है। बारिश बंद होने पर मरमत कराई जाएगी।
के के मीना, अधिशासी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग।
Updated on:
9 Sep 2025, 4:40 PM IST
Published on:
9 Sep 2025, 4:39 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.